मैं अब तक 55 बार प्लेटलेट्स दान कर चुका हूं। मेरे पास जब कभी इसके लिए कॉल आता है तुरंत मदद के लिए पहुंच जाता हूं। महीने में दो बार प्लेटलेट्स देने के लिए तैयार रहता हूं। जिंदगी बचाने के लिए दिए गए योगदान से आत्मविश्वास मजबूत होता है। -अंशुल, नयागांव
युवा आगे आए, जिंदगी बचाने में सहयोग करें
मौजूदा समय में स्थिति बहुत खराब है। मेरी संस्था में प्रतिदिन 30 से 35 लोगों की प्लेटलेट्स के लिए डिमांड आ रही है। हम जैसे युवा अगर अभी आगे नहीं आए तो शर्मनाक होगा। इसलिए प्लेटलेट्स देने से कोई परेशानी होने का डर मन से निकालकर किसी की जान बचाने में सहयोग कीजिए। -शुभम, बरवाला
प्लेटलेट्स देने से नहीं होती है परेशानी
मैंने अब तक 114 बार प्लेटलेट्स दान किया है। इसमें से 90 बार दो यूनिट दान किया है, लेकिन मुझे आज तक कोई परेशानी नहीं हुई। मेरा मानना है कि जब मौका मिले, तब आगे आकर दूसरों की जान बचाने में योगदान देना चाहिए। इस राह पर चलते हुए मैंने अपना बोन मैरो तक दान कर दिया है। -राजन रेखी, सेक्टर 29
रक्तदान करने से अजनबी से जुड़ता है खून का रिश्ता
मेरी उम्र 28 साल है। मैं 41 बार प्लेटलेट्स दे चुका हूं। 18 साल पूरा होने पर मैंने पहली बार रक्तदान किया था। तब से यह क्रम जारी है। रक्तदान करजो खुशी मिलती है, वे खुशी किसी दया दान से नहीं मिलती, क्योंकि इससे अजनबी के साथ खून का रिश्ता जुड़ता है। -अजय सिंह, सेक्टर 28