पठानकोट में डेंगू का कहर जारी है। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़कर 738 पहुंच गई है। इनमें 511 शहर और 227 मामले देहात क्षेत्र के हैं। जिले में मौजूदा समय में डेंगू के 35 सक्रिय मरीज हैं। जिला एपिडिमॉलोजिस्ट डॉ. साक्षी ने बताया कि इस सीजन में 2726 लोगों की एलाइजा जांच की जा चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की 10 टीमें शहर में डेंगू के बारे में जागरूकता और छिड़काव करने में जुटी हैं। हालांकि, मौसम में बदलाव के साथ डेंगू के रोजाना मिल रहे मरीजों की संख्या में कमी आई है। इसका मुख्य कारण तापमान में लगातार हो रही है गिरावट को माना जा रहा है।
जिले में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के नीचे चला गया है और ठंडक भी बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आने पर डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छरों की ब्रीडिंग कम हो जाएगी। इससे आने वाले दिनों में डेंगू से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, संक्रमण दर भी अक्तूबर के मुकाबले घटकर 3.69 रह गई है।
डेंगू से तीन लोगों ने तोड़ा दम
डेंगू के सीजन में जिले में तीन मौतों की ही पुष्टि की गई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डीएमसी लुधियाना में हुई मौतों का रिकॉर्ड मंगवाकर जांच कर रही डेथ ऑडिट कमेटी की जांच में तीन लोगों की मौत डेंगू से होने की पुष्टि हुई है। इनमें मोहल्ला घरथौली का 43 वर्षीय युवक, पटेल चौक की 25 वर्षीय महिला और सुजानपुर की रहने वाली महिला शामिल है।
23 मोहल्ले और छह गांव हॉटस्पॉट
जिले में 23 मोहल्ले और छह गांवो में डेंगू के अधिक मरीज होने पर हॉटस्पॉट घोषित कर निगम को रोजाना फागिंग करवाने को कहा गया है। इनमें खानपुर, लमीनी, बजरी कंपनी, ढांगू, काजीपुर, माडल टाउन, मोहल्ला सराई, खानपुर, भरोली और मनवाल भी शामिल हैं, जहां पर डेंगू केसों की संख्या सबसे ज्यादा रही है।