एक महिला अपने बीमार पति को गोद में उठाकर अस्पताल पहुंची, लेकिन उसका सुहाग बच न सका। पति की मौत हो गई और डॉक्टर कहता है सॉरी। घटना हरियाणा के पानीपत की है। डेंगू और मलेरिया को कंट्रोल करने में फेल स्वास्थ्य विभाग सिविल अस्पताल में आए टीबी ग्रस्त एक व्यक्ति को इलाज नहीं दे सका। 20 मिनट तक इलाज के अभाव में मौत से जूझ रहे मरीज ने आखिरकार सिविल अस्पताल में अपनी पत्नी के घुटनों पर ही दम तोड़ दिया।
बाद में डॉक्टर ने बस सॉरी कह दिया। इससे पहले मरीज की पत्नी पहले स्ट्रेचर के लिए और फिर डॉक्टर के पास इलाज करने के लिए चक्कर काटती रही, मगर इलाज नहीं मिल सका। केबिन के बाहर ही मरीज को गार्ड ने डॉक्टर का लड़ाई झगड़े के एक मामले में घायलों का इलाज करने के बाद ही चेक करने की बात कहकर रोक दिया। महिला बाद में डॉक्टर द्वारा मरीज को मृत घोषित करने के बाद पति के शव को अपने घर ले गई। चिकित्सा विभाग ने मामले को गंभीर माना है।
मिली जानकारी के अनुसार कर्मबीर निवासी गंगाराम कॉलोनी टीबी से ग्रस्त था। तबीयत बिगड़ने पर उसकी पत्नी उसको सोमवार दोपहर बाद करीब चार बजे सिविल अस्पताल ले आई। महिला को पहले तो अपने पति को इमरजेंसी में डॉक्टर तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला। वह अपने पति को गोद में ही उठाकर डॉक्टर के केबिन के पास पहुंच गई। यहां पर तैनात गार्ड ने उसको डॉक्टर के व्यस्त होने की कहकर बाहर ही बैठा दिया। वह अपने पति को गोद में लेकर बैठी रही।
उसने कई बार डॉक्टर से मिलने का प्रयास किया। लेकिन गार्ड ने उसको ओटी में नहीं जाने दिया। उसने कहा कि डॉक्टर लड़ाई झगड़े के एक मामले में घायलों का इलाज कर रहे हैं। इसके बाद ही उसको चेक किया जाएगा।
एक व्यक्ति ने मध्यस्थता की तो डॉक्टर आकर बोला सॉरी
doctor
- फोटो : डेमो
महिला सिविल अस्पताल की गैलरी में डॉक्टर के केबिन के बाहर अपने पति को गोद में लेटाकर रो रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति उनके पास से गुजरा। उसने महिला से उसके रोने का कारण पूछा। महिला ने बताया कि उसका पति टीबी से ग्रस्त है और सांस लेने में दिक्कत आ रही है,
लेकिन उसको डॉक्टर के पास नहीं जाने दिया जा रहा और न ही डॉक्टर बाहर आ रहा है। इस पर उस व्यक्ति की मध्यस्थता के बाद डॉक्टर ओटी से बाहर आया। डॉक्टर ने उसका चेकअप किया तो व्यक्ति की मृत मिला। डॉक्टर महिला को सॉरी बोलकर वापस ओटी में चला गया।
महिला शव को लेकर रोती रही, चौकी प्रभारी ने एंबुलेंस कराई
गंगाराम कॉलोनी निवासी महिला पति कर्मबीर को मृत घोषित करने के बाद वहीं पर रोने लगी। किसी ने भी उसको ढांढस बंधाने या सहारा देने की कोशिश नहीं की। बस अड्डा चौकी प्रभारी राजेश कुमार वहां पर किसी काम से पहुंचे। उन्होंने महिला की व्यथा सुनी और अपने स्तर पर एंबुलेंस कराकर शव को उसके घर भिजवाया।
डेंगू के लगातार आ रहे हैं केस सामने
doctor
इधर स्वास्थ्य विभाग के लाख दावों के बीच डेंगू के संदिग्ध लोग सिविल अस्पताल में पहुंचने लगे हैं। पिछले दिनों से ओपीडी की संख्या भी दोगुना बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों प्राइवेट अस्पतालों व लैब का खेल सामने आने के बाद लोगों ने सिविल अस्पताल की लैब में पहुंचना शुरू कर दिया है। इन सबके चलते सिविल अस्पताल में मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो गई। हालांकि स्वास्थ्य विभाग डेंगू पॉजीटिव सामने न आने का दावा कर रहा है।
एमएस ने झाड़ा पल्ला
सिविल अस्पताल में टीबी ग्रस्त किसी व्यक्ति की इलाज के अभाव में मौत होने की जानकारी नहीं मिली है। सोमवार दोपहर बाद लड़ाई झगड़े में घायल दस लोगों के एक साथ आने पर इमरजेंसी में इलाज लंबा चला था। मरीज के परिजन उनको इस बारे में अवगत कराते तो वे दूसरे डॉक्टर से चेकअप करा देते। इस तरह की कोई शिकायत आती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. आलोक जैन, एमएस, सिविल अस्पताल पानीपत