चंडीगढ़। सेक्टर-37 स्थित पंजाब राज्य उपभोक्ता निवारण आयोग के अध्यक्ष जस्टिस पीएस धालीवाल और ट्राइसिटी कंज्यूमर्स कोर्ट बार एसोसिएशन के बीच की खींचतान का शुक्रवार को अंत हो गया। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मध्यस्थता की भूमिका निभाई और जस्टिस धालीवाल और वकीलों के बीच छिड़ा विवाद सर्वसम्मति से सुलझा लिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 24 मई से नए केस दायर किए जाएंगे, लेकिन सुनवाई सिर्फ जरूरी मामलों में ही होगी। कोर्ट द्वारा कोई नया एडवर्स आर्डर जारी नहीं किया जाएगा, जो बेलेबल वारंट जारी किए जा चुके हैं, वे पुन: जारी किए जाएंगे। दोनों पक्षों की सहमति के बाद ही केस की सुनवाई होगी। अगर नोटिस के बाद वकील किन्हीं कारणों से पेश नहीं हो सकता है तो उसे अग्रिम सूचना एफिडेविट के माध्यम से देनी होगी, जिसे वह सेल्फ अटेस्ट करने के बाद स्कैन करके भेजेगा। इसके अलावा कोरोना दिशानिर्देशों का भी पालन करना होगा और किसी भी वकील को कोर्ट परिसर में जाने से पहले अनुमति लेनी होगी। सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही होगी।
ट्राइसिटी कंज्यूमर्स कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वकील आईपी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में शुक्रवार को बातचीत हुई है, जिसमें विरोध स्वरूप वे शामिल नहीं हुए। हालांकि एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे और सभी विवादों का अंत हो गया है।