दोनों में अपने राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। इस दौरान बिना नाम लिए दुष्यंत चौटाला को प्रदेश की जनता से धोखा करने वाला बताया। अभय ने कहा कि जिस पार्टी ने भाजपा के खिलाफ वोट मांगे और जनता ने बीजेपी से दुखी होकर उन्हें वोट देकर विजयी बनाया, उसी पार्टी ने उनका विश्वास तोड़ दिया।
जेजेपी ने भाजपा के खिलाफ ही वोट मांगे थे और पदों के खातिर उसी को समर्थन दे दिया। अभय चौटाला यहीं नहीं रूके उन्होंने प्रदेश में मध्यावधि चुनाव के सकेंत देते हुए कहा कि ऐसा ड्रामा ज्यादा देर नहीं चल पाता है। वहीं उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान होकर धरना प्रदर्शन कर रहा है।
2009 से अजय को सीएम पद की चाह
अभय चौटाला ने कहा कि चुनाव के बाद 8 अक्टूबर को जो नाटक प्रदेश की जनता को दिखाया गया है। वह तो साल 2009 से चल रहा था। उन्होंने कहा कि पार्टी टूटने के आंकलन के बाद उन्हें यह समझ आया। अभय ने कहा कि 2009 के विधानसभा चुनाव के दौरान अजय व उनके समर्थकों ने पार्टी सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला से युवा के हाथ में कमान देने को कहा था। अजय चाहते थे कि ओपी चौटाला उन्हें सीएम पद का चेहरा बनाए। इसी दौरान इनसो बनाई गई और जो रंग जेजेपी का झंडे का हरा पीला रंग है, वही इनसो का रखा गया था। यह खेल तभी से चल रहा है।