कभी भी कोई समस्या होती है तो अन्य मुख्यमंत्री बात करते हैं और ये धरने पर बैठ जाते हैं। हमने पांच साल इन्हें झेला है, जो वादे किए उनमें से कोई भी पूरा नहीं किया और आज वोट के लिए कहते हैं मैं ये भी मुफ्त दे रहा हूं, वो भी मुफ्त दे रहा हूं। आज बिजली की कंपनी को ये 1800 करोड़ सब्सिडी देते हैं। दिल्ली के साथ हरियाणा हमेशा खड़ा रहेगा।
दिल्ली को जितने पानी की जरूरत पड़ेगी हम देंगे। जो बड़े-बड़े नामचीन व्यक्ति इनके संग थे चाहे वह योगेंद्र यादव हो, आशुतोष हो, किरण बेदी हो, कुमार विश्वास हो वो भी इसके घमंड के चलते इसे छोड़ के चले गए। दिल्ली में उद्योगपतियों के लिए बिजली का रेट 12-14 पर यूनिट है और हम हरियाणा में 8.5 पर यूनिट बिजली देते हैं।
इन्होने अपने ब्यूरोक्रेसी के मुखिया यानी चीफ सेक्रेटरी को अपने घर बुलाकर पिटाई करा दी थी। चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक हो, 370 हो या फिर नागरिकता संशोधन कानून है हर मोर्चे पर ये देश के विरुद्ध खड़े होते हैं और सबूत मांगते हैं। ऐसा भी कोई मुख्यमंत्री होता है क्या। आप पर निर्भर है कि भाजपा की सरकार बने, इसके लिए घर घर जाकर वोट मांगना पड़ेगा। स्थानीय भाजपा उम्म्मीदवार जितेंद्र महाजन हमेशा समाज सेवा में लीन रहते हैं। कर्मठ व्यक्ति हैं। संगठन के कई दायित्व इन्होंने सकुशल रूप से निभाए हैं।