बिल न चुका पाने के चलते एक दंपति 12 दिन के नवजात बेटे को अस्पताल में ही छोड़कर चला गया। मामला, हिसार का है।
सेवक सभा अस्पताल में नर्सरी में दाखिल नवजात के परिजन जब मौके से गायब मिले तो अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। उन्होंने मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी। जब पुलिस ने पूरे मामले में हस्तक्षेप किया तो दंपति लौटा। आखिरकार सोमवार दोपहर बाद मामले का निपटारा हो सका। इसके बाद दंपति बच्चे को लेकर गांव चला गया।
सलेमगढ़ के शक्ति सिंह ने बताया कि वह मजदूरी करता है। उनकी पहले एक बेटी है। सुनीता को दूसरी डिलीवरी के लिए सेवक सभा अस्पताल में दाखिल कराया गया था। उसने 16 अगस्त को बेटे को जन्म दिया था। बच्चा समय से पहले जन्मा था, इसलिए कमजोर था। बच्चे को नर्सरी में रखा गया था।
आर्थिक हालत कमजोर होने के चलते इलाज का खर्चा बमुश्किल वहन कर पा रहा था। रविवार को शक्ति सिंह ने अस्पताल प्रबंधन से जच्चा-बच्चा की छुट्टी बारे पूछा तो उसे 11,700 रुपये का बिल बताया गया। उसके पास इतने पैसों का जुगाड़ नही था। इसलिए वह बिना किसी को बताए बच्चे को वहीं छोड़कर पत्नी के साथ चला गया।
जब स्टाफ ने दूध के लिए मां को बुलाना चाहा तो वह गायब मिली। इस पर अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी गई। बच्चे को छोड़कर जाने की बात सुनते ही अस्पताल में हड़कंप मच गया। मामला मैनेजर जयभगवान शर्मा और नवजात शिशु व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत टेलटिया तक पहुंचा। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर इसकी सूचना दी। पुलिस ने अपने स्तर पर पड़ताल कर दंपति का पता लगाया। सोमवार को दंपति अस्पताल पहुंचा और बिल अदाकर बच्चे को ले गए।