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पूर्व मेयर पूनम शर्मा पर मानहानि का केस करेंगी पार्षद

Thu, 31 Mar 2016 10:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़़ म्यूनिस‌िपल कारपोरेशन की बैठक - फोटो : amar ujala
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बीजेपी पार्षद आशा जसवाल ने पूर्व मेयर पूनम शर्मा द्वारा हाउस की बैठक के दौरान उनके बेटे पर पांच लाख रुपये लेकर समझौता करने के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने इस मामले में पूनम शर्मा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी।
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वीरवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आशा जसवाल अपने बेटे व अन्य परिवार के सदस्यों के साथ पहुंचीं। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज तक उन्होंने किसी से कभी एक पैसा नहीं लिया। इतना बड़ा आरोप बिना किसी सबूत के उनके परिवार पर लगाना मेयर चुनावों में कांग्रेस की हार की बौखलाहट दर्शाता है।

इसके लिए वो पूनम शर्मा पर मानहानि का केस दायर कर उनको कोर्ट में घसीटेंगी। इस दौरान उनके बेटे ब्रजेश्वर जसवाल ने बताया कि उन्होंने केस में समझौता उनके पति पर विश्वास करके किया था। उन्होंने समझौता इसलिए किया था कि उनके पति की सरकारी नौकरी है अगर केस आगे चलता तो उनकी नौकरी भी जा सकती थी।
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समझौते में कोई लेनदेन नही हुआ था।  ब्रजेश्वर ने कहा कि समझौता 2014 में हुआ था, दो साल बाद पैसे लेने का आरोप लगाने का क्या औचित्य है। उन्होंने बताया कि 2011 में नगर निगम चुनावों के दौरान पूनम शर्मा के  पति के शराब की बोतलों के साथ पकड़े जाने पर  सेक्टर 36 पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाया था। जिसको बाद में 2014 में समझौता कर कर केस वापस ले लिया था।

पूनम शर्मा का आरोप गलत: सिद्धू
प्रेस कांफ्रेंस में उनके साथ हाईकोर्ट के वकील अनमोल रतन सिद्धू  भी मौजूद थे। अनमोल रतन सिद्धु ने बताया कि समझौता उनके सामने ही हुआ था। समझौते के दौरान एक पैसे का भी लेनदेन नहीं हुआ था। पूनम शर्मा द्वारा लगाया आरोप बिल्कुल बेबुनियाद है।
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