हरियाणा की तीन राज्यसभा सीटों के लिए बिना मतदान ही चुनाव प्रक्रिया संपन्न हो गई। कांग्रेस से दीपेंद्र हुड्डा, भाजपा से रामचंद्र जांगड़ा व दुष्यंत गौतम निर्विरोध निर्वाचित हो गए। तीन सीटों के लिए तीन ही नामांकन दाखिल हुए थे। मंगलवार को छंटनी के दौरान नामांकन पत्र सही पाए थे। बुधवार को नामांकन वापसी का अंतिम दिन था लेकिन तीन सीट के लिए तीन ही उम्मीदवार होने पर निर्वाचन अधिकारी आईएएस अजीत बाला जोशी ने दीपेंद्र, जांगड़ा व गौतम को निर्विरोध निर्वाचित कर दिया।
दीपेंद्र व जांगड़ा 6-6 साल के लिए राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए हैं, जबकि दुष्यंत गौतम का कार्यकाल 2022 तक होगा, चूंकि उन्हें चौधरी बीरेंद्र सिंह के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर निर्वाचित किया गया है। बीरेंद्र की सीट पर उपचुनाव हुआ। गौतम के निर्वाचन की अधिसूचना तुरंत जारी हो जाएगी और वह संसद में शपथ लेने के बाद वर्तमान सत्र में भाग ले सकते हैं।
दीपेंद्र व जांगड़ा के निर्वाचित होने की अधिसूचना 10 अप्रैल को जारी होगी, क्योंकि दोनों सीटों पर वर्तमान सांसद का कार्यकाल इसी तिथि को संपन्न होगा। कांग्रेस से कुमारी सैलजा अभी राज्यसभा सांसद हैं, जबकि रामकुमार कश्यप के इस्तीफा देने से दूसरी सीट खाली हो चुकी है।
इनेलो से सांसद कश्यप ने सांसद पद से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। उन्होंने बीता विधानसभा चुनाव लड़ा और इंद्री से भाजपा विधायक चुने गए। दीपेंद्र, जांगड़ा व गौतम ने अपने निर्वाचन के लिए पार्टी हाईकमान का आभार जताया है। सीएम मनोहर लाल, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने जांगड़ा व गौतम को सांसद चुने जाने पर बधाई दी है।
एसवाईएल का मुद्दा उठाएंगे गौतम
नवनिर्वाचित भाजपा सांसद दुष्यंत गौतम ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को राज्यसभा में उठाएंगे। एसवाईएल के मुद्दा को उच्च सदन में उठाकर हल करवाने का प्रयास किया जाएगा। सभी मुद्दों को सुलझाना प्राथमिकता रहेगी। रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि प्रदेश हित में राज्यसभा में आवाज बुलंद करेंगे। प्रदेश के विकास में ज्यादा से ज्यादा सहयोग उनका मुख्य उद्देश्य है।
प्रदेश की राजनीति नई दिशा लेगी: दीपेंद्र
दीपेंद्र ने राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने पर कांग्रेस हाईकमान व प्रदेश की जनता का आभार जताते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था भयंकर मंदी के दौर से गुजर रही है। बेरोजगारी चरम सीमा पर है। संसद में मजबूती से हरियाणा के हितों की आवाज उठाएंगे। नशे के मामले में हरियाणा ने पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है। उनकी उम्मीदवारी का एलान होने के बाद कई गैर कांग्रेसी विधायकों ने भी उन्हें समर्थन का भरोसा दिया था। इसलिए वे इस जीत पर उनका भी आभार जताते हैं। उन्होंने कहा कि ये राज्यसभा चुनाव हरियाणा की राजनीति को नई दिशा और मोड़ देगा।