अब तक कोरोना से कुल मौतों की बात करें तो सबसे अधिक जान हिसार जिले में 1003 गई, जबकि सबसे कम नूंह में 113 मौत हुईं। गुरुग्राम में 894, फरीदाबाद में 716, भिवानी में 577, करनाल में 540, अंबाला में 506, जींद में 510, कैथल में 321, कुरुक्षेत्र में 347, महेंद्रगढ़ में 146, पंचकूला में 365, पानीपत में 536, रेवाड़ी में 497, सिरसा में 446, सोनीपत में 254, यमुनानगर में 395, पलवल में 149 और रेवाड़ी में 209 मौत दर्ज की गई हैं।
अच्छा खान पान आया काम : डा. चौधरी
शहरों की मुकाबले गांवों में बाहरी लोगों की आवाजाही कम रही, इसलिए संक्रमण कम रहा। अच्छा खाना और मेहनती होने के कारण लोगों की इम्यूनिटी शहर वालों के मुकाबले अच्छी है। जो कोरोना से लड़ने में काम आई।
- डॉ. ध्रुव चौधरी, नोडल अधिकारी, कोविड-19 हरियाणा।
शारीरिक और मानसिक मजबूती आई काम : डॉ. डागर
ग्रामीण लोग शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक मजबूत होते हैं। गांवों का स्वच्छ वातावरण भी इसमें काम आया। गांवों में ऑक्सीजन की उपलब्धता भी अधिक होती है। इसलिए यहां मृत्यु दर कम रही है। - डा. अभिनव डागर, पलमरी विशेषज्ञ