- डॉक्टरों की कमी
- प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सुविधाओं का अभाव
- संस्थागत प्रसव को लेकर अब भी रुढ़िवादिता
- प्रसव के दौरान संक्रमण
- टीकाकरण को लेकर अनदेखी
ये लक्षण दिखे तो न करें देर
- बच्चा दूध न पीए
- उल्टी हो
- वजन कम होता जाए
- सुस्त रहे
ये है बेहद जरूरी
- बच्चों का रुटीन टीकाकरण
- कम से कम 6 महीने तक स्तनपान कराना
- स्तनपान कराने वाली मां को लगातार खांसी आए तो टीबी की जांच जरूरी
- परेशानी होने पर अन्य विशेषज्ञों के बजाय बालरोग विशेषज्ञ को दिखाएं
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान
आंकड़े बेहद गंभीर
पीजीआई में 2019 में हुई कुल मौतें 4972, इसमें बच्चों की संख्या 1344 थी
पीजीआई में 2020 में हुई कुल मौतें 4301, इसमें बच्चों की संख्या 1588 थी
बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर लक्षण देर में सामने आता है। ऐसे में नवजात बच्चों के अभिभावक का बेहद सजग रहना जरूरी है। रेफरल सेंटर होने के कारण पीजीआई में अन्य विभागों के साथ ही एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर को भी लगातार अपडेट करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे बेहतर इलाज मुहैया कराकर बच्चों की मृत्यु दर कम करने में योगदान दिया जा सके। -प्रो. जगतराम, निदेशक पीजीआई