चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या बाकी महीनों की तुलना में अगस्त माह में सबसे ज्यादा रही है। अगस्त के 19 दिनों में ही शहर के 17 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि शहर में तीन मई से शुरू हुए मौत के सिलसिले में अब तक 31 मरीजों ने दम तोड़ा है। यानि तीन महीने में जितने मरीजों की मौत हुई है उनमें से आधे मरीजों की मौत अकेले अगस्त के 19 दिनों में हुई है।
यह आंकड़ा चिंताजनक स्थिति की तरफ इशारा कर रहा है। ऐसी स्थिति में जरूरी है कि कोरोना से बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। चंडीगढ़ में कोरोना से पहली मौत तीन मई को हुई थी। सेक्टर-18 निवासी 82 वर्षीय महिला ने पंचकूला में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। वृद्धा में कोरोना की पुष्टि हुई थी। शहर में अबत तक हुई कुल 31 मौतों में वृद्धों की संख्या ज्यादा है।
अगस्त में मरने वालों में 11 वृद्ध
एक अगस्त से 18 अगस्त के बीच शहर में कोरोना के जिन 16 मरीजों की मौत हुई है, उनमें से 11 की उम्र 60 साल से ज्यादा है जबकि बाकी छह मृतकों में तीन 50 साल के, एक 55 साल, एक 32 साल और एक 20 साल का था। इससे यह साफ पता चलता है कि बुजुर्गों के लिए कोरोना ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है।