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बड़ी लापरवाही: कोरोना से 92 साल के बुजुर्ग की हुई मौत, युवा महिला की भेज दी लाश, हंगामा

Sun, 19 Jul 2020 11:14 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मुकेरियां (होशियारपुर)
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सांकेतिक तस्वीर।
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मुकेरयिां के करीबी गांव टांडा राम सहाय में 92 वर्षीय बुजुर्ग की कोरोना से चलते मौत के बाद देर शाम शव मुकेरियां पहुंचा और परिजन स्वास्थ्य विभाग की मदद से संस्कार करने की तैयारी करने लगे। इस दौरान पीपीई किट पहन कर जब मृतक के पुत्र ने दाह संस्कार से पहले पिता के अंतिम दर्शन किए तो उसके होश फाख्ता हो गए। 

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बंद बैग में जिस मृतक शरीर को वह अपना पिता समझ कर चिता को मुखाग्नि देने जा रहा था वह शव असल में एक 35-36 वर्षीया महिला का था। जैसे ही इस बात का खुलासा हुआ, हड़कंप मच गया। इस स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी जांचा तो बैग पर तो मृतक बुजुर्ग प्रीतम सिंह का नाम  लिखा था लेकिन भीतर शव महिला का था। इस पर शव लौटाने की तैयारी की जाने लगी लेकिन अब परिजन अड़े हुए हैं कि पहले उन्हें उनके पिता का शव दिया जाए या कम से कम वीडियो कॉलिंग के जरिए दिखाया जाए। इसके बाद ही शव ले जाने देंगे।

एक जुलाई को मुकेरियां के गांव टांडा राम सहाय के एक व्यक्ति प्रीतम सिंह (92) की अमृतसर मेडिल कॉलेज में कोरोना के चलते मौत हुई है। कुछ दिन पहले प्रीतम सिंह की बेटी उनके पास ही रहती थी। वह टायफायड की मरीज थी। प्रीतम के अलावा उनकी पत्नी, बेटे व बहू एवं बेटी और बेटी का बेटा इन सभी का कोरोना टेस्ट हुआ और रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद उन्हें रयात बाहरा क्वारंटीन सेंटर भेजा गया।

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वहां पर प्रीतम सिंह व उनके बेटे की हालत खराब होने पर पहले उन्हें सिविल अस्पताल होशियारपुर लाया गया जहां से सात जुलाई को दोनों को अमृतसर रेफर कर दिया गया था, जबकि अन्यों को 10 दिन बाद घर भेज दिया गया। प्रीतम सिंह के बेटे को 16 जुलाई को अमृतसर से छुट्टी मिल गई और वह घर लौट आया। पारिवारिक सदस्यों के अनुसार शनिवार उन्हें फोन पर बताया गया कि प्रीतम सिंह की मौत हो गई है। 

अमृतसर से शनिवार देर शाम शव मुकेरियां पहुंचा तो उसे सीधा श्मशामघाट पर लाया गया। इस दौरान उनके कुछ पारिवारिक सदस्य पीपीई किट पहने संस्कार में शामिल हुए। संस्कार से पहले परिवार वालों की मांग पर जब अंतिम दर्शन को बैग खोला गया तो सबके होश फाख्ता हो गए। वह जिस देह का संस्कार करने जा रहे थे वह प्रीतम सिंह का नहीं बल्कि किसी महिला का था। 

परिवार वालों ने रोष जताया तो एसएमओ डॉ. जतिंदर कुमार, डीएसपी मुकेरियां, थाना प्रभारी व स्वास्थ्य विभाग की टीमें वहां पहुंच गई। दूसरी तरफ परिवार के सदस्य महिला का शव लौटाने को तैयार थे। खबर लिखे जाने तक वह इस बात पर अड़े थे कि पहले प्रीतम सिंह का शव उन्हें दिया जाए या कम से कम वीडियो कॉलिंग के माध्यम से दिखाया जाए। पारिवारिक सदस्यों का कहना है कि उन्होंने तो पीपीई किट पहन कर अंतिम दर्शन करने के लिए बैग खोल कर देख लिया। अगर वे ऐसा न करते तो उन्हें इस बात का कभी पता ही नहीं चलता। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के अधिकारी पारिवारिक सदस्यों को समझाने में जुटे हैं।
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