दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। रविवार रात भी किसी बात पर झगड़ा हुआ था। वहीं, मृतका आरती की बहन अनु बाला ने बताया कि रविवार दोपहर उसकी बहन आरती उसके घर आई थी। आरती ने उसे बताया कि उसका पति उसके साथ झगड़ा कर रहा है। उसने शाम को उसे समझा बुझाकर घर भेज दिया। रात करीब 7-8 बजे उसने अपनी बहन को फोन किया लेकिन उसकी बहन ने फोन ही नहीं उठाया। उसने बताया कि रात 12 बजे तक वह आरती को फोन करती रही लेकिन उसने फोन नहीं उठाया।
सोमवार सुबह वह आरती के घर पर पहुंची और दरवाजा खटखटाया लेकिन किसी ने दरवाजा भी नहीं खोला। उसने आसपास के लोगों को बुलाया और इसके बारे पुलिस को सूचित किया। पुलिस के आने के बाद पड़ोस के लोग छत से अंदर गए और देखा तो दोनों के शव पड़े थे। उसकी बहन के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया है।
मनीश पर 302, अनुबाला और उसकी मां पर 306 के तहत केस दर्ज
छेहरटा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर निशान सिंह ने बताया कि मनीश और आरती के शव कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम संबंधी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने मृतक मनीश पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या) का केस दर्ज किया है। मनीश की साली अनुबाला और उसकी सास उर्मिला बाला पर आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।