संधू ने कहा कि इन चुनावों में 13276 पंचायतों के लिए 83831 पंचों का चयन किया जाएगा, जिनमें से अनुसूचित जाति के लिए 17811, अनुसूचित जाति महिला के लिए 12634, सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए 22690, पिछड़ी श्रेणियों के लिए 4381 और सामान्य वर्ग के लिए 26315 सीटें हैं।
उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा करने के लिए 40-50 ऑब्जर्वर लगाए जाएंगे। राज्य चुनाव कमिशनर ने बताया कि इन चुनावों के दौरान उम्मीदवार द्वारा किये जाने वाले खर्च की सीमा सरपंच के लिए 30 हजार रुपये निश्चित की गई है, जबकि पंचों के लिए 20 हजार रुपये है।
संधू ने बताया कि ग्राम पंचायत चुनाव के लिए राज्य में कुल 1 करोड़ 27 लाख 87 हजार 395 वोटरों का नाम दर्ज हैं, जिनमें से 66 लाख 88 हजार 245 पुरुष वोटर हैं। इनके अलावा 60 लाख 99 हजार 245 महिलाएं और 97 अन्य वोटर हैं। राज्य में इन चुनावों के मद्देनजर 17268 बूथ स्थापित किए हैं। मतदान बैलेट पत्र पर होगा। चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने में 86340 सरकारी मुलाजिमों को लगाया गया है। उन्होंने सभी वोटरों से अपील की कि वह इस चुनाव प्रक्रिया में बढ़कर हिस्सा लें।
13276 : कुल पंचायतें
83831 : चुने जाएंगे पंच
17811 : एससी सीटें
12634 : एससी महिला सीटें
4381 : पिछड़ा वर्ग सीटें
26315 : जनरल सीटें
22690 : जनरल महिला सीटें
कुल वोटर : 12787395
पुरुष : 6688245
महिला : 6099245
थर्ड जेंडर : 97
कुल पोलिंग बूथ : 17268
नामांकन दाखिल करने की तिथि : 15-19 दिसंबर
नामांकन पत्रों की जांच : 20 दिसंबर
नामांकन वापस लेने की तिथि : 21 दिसंबर
चुनाव चिह्न की अलाटमेंट : 21 दिसंबर
मतदान : 30 दिसंबर (सुबह 8 से शाम 4 बजे तक)
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पंजाब सरकार से अपील की है कि छोटे साहिबजादों के शहीदी पर्व समागमों को देखते हुए पंचायती चुनाव की तारीख बदल दी जाए। पंजाब सरकार या तो चुनाव 15 दिसंबर से पहले करवाए या फिर जनवरी के पहले हफ्ते में करवाए। यदि पंजाब सरकार ने चुनाव की तारीख न बदली तो पांच सिंह साहिबान की बैठक बुलाकर इस संदर्भ में आदेश जारी करने पर विचार किया जा सकता है।
अपने दफ्तर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि छोटे साहिबजादों की शहादत दिल को दहलाने वाली है। दिसंबर के अंतिम दिनों में फतेहगढ़ साहिब व उसके आसपास के गांवों में संगत में गम का माहौल बना रहता है। पंजाब सरकार ने इन्हीं दिनों में पंचायती चुनाव की घोषणा की है। उन्हें देश-विदेश की सिख संगत ने फोन कर शहीदी पर्व के दिनों में चुनाव न करवाने की मांग की है।
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि शिरोमणि कमेटी ने इस संदर्भ में पंजाब सरकार को पत्र लिखा है। इसके अलावा उन्होंने एसजीपीसी को निर्देश दिया है कि सरकार से दोबारा संपर्क कर तारीखें बदलने को कहे।