चंडीगढ़। नृत्यांगना कंचन रॉय ने वीरवार को ‘नेशनल ट्रांसजेंडर डांस फेस्टिवल’ के तीसरे और आखिरी दिन शानदार प्रस्तुति दी। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) ने ऑनलाइन कार्यक्रम को आयोजित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में कंचन रॉय ने राधा-कृष्ण की कहानियों को दर्शाते हुए नृत्य प्रस्तुत किया।
इसके बाद ‘सजनी सजनी राधिका लो’, ‘सुंदरी राधे आओ रे बानी’, ‘गहन कुसुम कुंज मंजे, ‘मरन रे तुहु श्याम समान’ पर शानदार प्रस्तुति दी। गीतों के क्रम से राधा-कृष्ण की कहानी भी सुनाई। इसमें वे दोनों एक बगीचे में मिलते हैं और एक-दूसरे के लिए समर्पित रहने की बातें करते हैं, लेकिन जब कृष्ण ब्रज छोड़ देते हैं तो राधा दुखी हो जाती हैं। इस कहानी में गीत रविंदर नाथ टैगोर की भानू सिंह पदावली से लिए गए हैं।
अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक व नृत्य में कर रखा है डिप्लोमा
नृत्यांगना कंचन रॉय ने विश्वभारती विश्वविद्यालय से नृत्य में डिप्लोमा किया है। वह एक डांस स्कूल भी चलाती हैं। परिवार से एक रूढ़िवादी ट्रांसजेंडर होने के बावजूद स्नातक की पढ़ाई पूरी की। अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक हैं और आगे की पढ़ाई करना चाहती थीं, लेकिन बाद में नृत्य को अपना जीवन समर्पित कर दिया।