बुकिंग ब्रांच ने मेयर की अनुशंसा पर कार्यक्रम की अनुमति दे दी। जांच में पता चला कि संस्था हॉल का दुरुपयोग कर रही है और वहां कोई स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम स्थल को नि:शुल्क देने की अनुमति आयुक्त के पास है। पत्र में कहीं भी उन्होंने स्वीकृति नहीं दी है।
आयुक्त ने कहा कि हमारा काम जगह उपलब्ध कराना है लेकिन वहां जिस गतिविधि के लिए जगह ली गई है और वह कार्य नहीं हो रहा है तो संबंधित विभाग कार्रवाई करेगा। जांच के आधार पर जरूरत होगी तो संबंधित विभाग को भी पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए कहेंगे। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आते ही उन्होंने आनन-फानन आगे की बुकिंग रद्द कर दी। वहीं पहले संस्था की ओर से ऐसे कितने कार्यक्रम कराए गए हैं, इसकी भी जांच करवाई जा रही है।
दांत जांचने के नाम पर लगा था एक टेंट, उपकरण भी नहीं थे
शिकायत मिलने के बाद मौके पर 15 मई को मौके पर पहुंचे जेई ने देखा कि हॉल के अंदर काफी संख्या में लड़के और लड़कियां मौजूद थे और जोड़ी के साथ डांस सिखाया जा रहा था। बड़े-बड़े साउंड सिस्टम व उपकरण लगे थे। इस संबंध में जेई ने अनुमति मांगी तो देखा कि एक पत्र पर मेयर व ओएसडी की ओर से स्वास्थ्य शिविर के लिए अनुमति दी गई थी। जेई ने स्वास्थ्य शिविर के बारे में पूछा तो बाहर धूप में एक छोटा सा टेंट लगा था, जिसमें एक टेबल रखी थी और दो लोग बैठे थे। जेई ने चिकित्सा उपकरणों के बारे में पूछा तो वह उपलब्ध नहीं थे।
डांस कार्यशाला के नाम पर बच्चों से लिया गया था मोटा शुल्क
क्षेत्रीय पार्षद योगेश ढींगरा ने बताया कि इस संबंध में उन्हें भी शिकायत मिली थी। उन्होंने जांच करवाई तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें 700 रुपये फीस बताई लेकिन डांस कर रहे कुछ बच्चों से पूछताछ की गई तो पता चला कि उनसे 1500 रुपये का शुल्क वसूला गया है। सामुदायिक केंद्र की चार दिन की बुकिंग थी। इस दौरान 12 घंटे तक लगातार एसी चला है। इस हिसाब से संस्था पर दो लाख रुपये निकलते हैं लेकिन चालाकी से उसने 400 रुपये में काम करवा लिया।
भाजपा नेता के सामुदायिक केंद्र की नि:शुल्क बुकिंग के मामले में अब तक नहीं हुई कार्रवाई
इससे पहले एक भाजपा नेता की बेटी की शादी के लिए सामुदायिक केंद्र की नि:शुल्क बुकिंग का मामला काफी चर्चा में आया था। सक्षम होने के बावजूद भाजपा नेता ने सामुदायिक केंद्र नि:शुल्क बुक करा लिया। इसकी जांच भी की गई लेकिन आज तक उसमें भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हमने कार्यक्रम की अनुमति ली थी। मेयर ने इसके लिए हमें पत्र पर सील व हस्ताक्षर करके भी दिया था। अब कैसे वह मना कर रहीं हैं, हमें जानकारी नहीं है। हमें जैसे ही जेई ने कार्यक्रम के लिए मना किया, हमने अपना सेटअप कश्यप भवन में लगा लिया था। संस्था की सात सदस्यीय कमेटी में स्थानीय होने के कारण मेरे नाम पर बुकिंग कराई गई थी। - स्मृति राणा, कोषाध्यक्ष, द हिमालयन फाउंडेशन
मैंने नियमानुसार सामुदायिक केंद्र देने को कहा था। अधिकारियों को एक बार वहां की गतिविधियों को देखना चाहिए था। इस संबंध में मुझे जैसे ही शिकायत मिली, मैंने ओएसडी को जांच के लिए कहा और डांस क्लास को बंद करने का निर्देश दिया। - सरबजीत कौर, मेयर
यह तो नियमों की अवहेलना है। कोई भी मेयर व पार्षदों से हस्ताक्षर करवाकर सामुदायिक केंद्रों में आयोजन करवा लेगा और उसका शुल्क नहीं देगा। यह निगम के राजस्व का भी नुकसान है। इस संबंध में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। - योगेश ढींगरा, क्षेत्रीय पार्षद, आप
इस संबंध में मेरे पास या संयुक्त आयुक्त के पास कोई फाइल नहीं आई है लेकिन मेयर ने भी स्वीकृति दी है तो भी संस्था ने जिस काम के लिए सामुदायिक केंद्र को किराए पर लिया था, उसे वही करना चाहिए था इसलिये अब चारों दिनों का जुर्माना संस्था पर लगाएंगे। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम