दाना मंडी में धान की खरीद न होने से आक्रोशित क्षेत्र के किसानों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। गुस्साए किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही दाना मंडी के बाहर डेरा बाबा नानक रोड़ पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया।
इस बीच किसानों ने रोड पर ट्रैक्टर ट्रालियां लगाकर यातायात रोक दिया। आरोप लगाया कि धान की खरीद न कर किसानों की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया जा रहा है। चक्काजाम करीब तीन घंटे तक चला। इस बीच मौके पर पुलिस के साथ पहुंचे तहसीलदार ने किसानों को समझाकर किसी प्रकार यातायात बहाल कराया।
किसानों की मांग थी कि जब तक कोई सरकारी अधिकारी वहां पहुंच कर सही ढंग से उनकी फसल की खरीद शुरू नहीं कराता, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन में शामिल किसान जतिंदर सिंह, गुरबख्श सिंह, बलबीर सिंह ने बताया कि सोमवार तक उनकी फसल की कोई बोली नहीं हुई है। ऐसे में धान की फसल की खरीद शुरू नहीं हो सकी है। इस अवसर पर सुखदेव सिंह, गुलजार सिंह, सुखदेव सिंह, नरिंदर सिंह, जोगिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, बलदेव सिंह मौजूद थे।
अमृतसर और बटाला में भाव अलग-अलग
किसानों ने बताया कि बटाला मंडी में सबसे कम रेट पर उनकी फसल बिक रही है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले तरनतारन व अमृतसर में 2700 रुपये प्रति क्विंटल धान बिक्र ी हुई। जबकि बटाला में केवल 2300 रुपये प्रति क्विंटल बिक्री हुई थी। इस असमानता के कारण बटाला के किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस असमानता के बारे में संबंधित विभाग को भी अवगत करवाया गया है। फिर भी उनकी ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि सरकार बयान दे रही है कि किसान का दाना-दाना उठाया जाएगा, मगर इसमें कोई वास्तविकता नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार पूरे पंजाब में धान की फसल का एक सामान रेट फिक्स करे और खुद सरकारी प्रतिनिधि मंडियों में पहुंच कर उनकी फसल की खरीद करें।