जैतो रोड पर स्थित शेर-ए-पंजाब गन हाउस से हथियारों की एक बड़ी खेप चोरी होने का मामला प्रकाश में आया है। आरोपियों ने यहां से 34 रिवाल्वर व बंदूकों समेत करीब 1234 कारतूसों पर हाथ साफ किया है।
इतनी बड़ी घटना से पंजाब पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है और पुलिस ने फिरोजपुर रेंज के डीआईजी मोहनीश चावला की निगरानी में उच्चस्तरीय पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस को दिए बयान में शेर-ए-पंजाब गन हाउस के मालिक एकजोत सिंह ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से असलहा बेचने, रिपेयर करने और स्टोर करने का कारोबार करते हैं। उसकी दुकान में हर समय नए हथियारों समेत लोगों के जमा किए हथियार मौजूद रहते हैं। रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे वे अपनी दुकान बंद करके घर चले गए थे।
देर रात साढ़े 12 बजे भी वे अपने पिता गुरबचन सिंह टोनी के साथ बठिंडा से लौटते समय दुकान के आगे से गुजरा थे तब तक दुकान ठीक ठाक थी। सोमवार सुबह सैर को जाते समय उन्होंने देखा कि उसकी दुकान में से धुआं निकल रहा था जिसपर उसने तुरंत फायर बिग्रेड समेत पुलिस को सूचना दी।
आग बुझाने के बाद पता चला कि दुकान में सेंधमारी करके चोरी की घटना को अंजाम दिया गया है। दुकान में घुसने के लिए अज्ञात आरोपियों ने पहले गन हाउस से सटी एक अन्य दुकान की छत में सेंध लगाई और बाद में गन हाउस की दीवार में सेंध लगाकर चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया।
यहां से 315 बोर की 7 राइफल, 12 बोर की 4 बंदूक, 32 बोर के 21 रिवाल्वर व पिस्टल, 22 बोर की दो रिवाल्वरों समेत 315 बोर के 488 कारतूस, 32 बोर के 635, 22 बोर के 90 और 12 बोर के 30 कारतूस चोरी हुए है। घटना के बाद आरोपियों ने दुकान को आग लगा दी जिससे उसका सारा रिकार्ड, सीसीटीवी कैमरे आदि भी पूरी तरह से सड़ गए।
सूचना मिलते ही डीआईजी फिरोजपुर मोहनीश चावला, एसएसपी सुखदेव सिंह काहलों, एसपी (एच) बलवीर सिंह, डीएसपी (डी) गुरभेज सिंह, सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर लखवीर सिंह समेत जिला पुलिस के तमाम आला अधिकारियों, जांच एजेंसियों ने घटनास्थल पर डेरा जमा लिया।
बड़े गैंग का हाथ होने की आशंका
शहर में गन हाउस से हथियारों की बड़ी खेप चुराने की घटना के पीछे पुलिस को किसी बड़े अंतरराज्यीय गैंग का हाथ होने की आशंका है। कोई भी मामूली गिरोह इतनी बड़ी मात्रा में असलहा और कारतूस चोरी करने की हिम्मत नहीं जुटा सकता और इसके पीछे किसी ऐसे बड़े गिरोह का हाथ के आसार है।
उधर खुफिया एजेंसियों को शक है कि चोरी हुए हथियारों का इस्तेमाल हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों में किया जा सकता है या फिर इन्हें झारखंड जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सप्लाई किया जा सकता है। साथ ही इस घटना में दुकान का सारा रिकार्ड जलाने के मामले को भी शक की नजर से देखा जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों का सुराग लगाने के लिए डॉग स्कवायड व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को भी मौके पर बुलाया। साथ ही टेक्निकल मदद के लिए एसएसपी फाजिल्का स्वपन शर्मा को भी कोटकपूरा बुलाया गया और उनसे टिप्स भी हासिल किए गए।