पंजाब कांग्रेस के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार को कई मंत्रियों और विधायकों के साथ श्री करतारपुर साहिब जाकर माथा टेका। इस मौके पर उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपना ‘बड़ा भाई’ कहकर संबोधित किया। सिद्धू के इस बयान पर राजनीतिक बवाल भी शुरू हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी के बाद अब शिरोमणि अकाली दल ने सिद्धू को निशाना बनाया। पार्टी के वरिष्ठ नेता व प्रवक्ता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सिद्धू सिर्फ प्रचार चाहते हैं। उन्हें जिम्मेदारियों का कोई आभास नहीं है। वह जानबूझकर ऐसी बातें कहते हैं, उन्हें पता है कि अगर वह पाकिस्तान और उनके पीएम के पक्ष में बोलेंगे तो इसे भारत में एक मुद्दा बनाया जाएगा।
सिद्धू चाहते हैं कि उनकी देर से यात्रा को कवर किया जाए ताकि पूरी दुनिया को पता चले कि वह पाकिस्तान गए थे। मुझे लगता है कि यह उनकी पुरानी आदत है। वह पब्लिसिटी चाहते हैं चाहे देश की भावनाओं के खिलाफ बोलना पड़े। मुझे लगता है कि हमें उनकी उपेक्षा करनी चाहिए।
सिद्धू के सहारे भाजपा ने कांग्रेस को घेरा
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘वरिष्ठ अमरिंदर सिंह के बजाय पाकिस्तान से प्यार करने वाले सिद्धू’ का पक्ष लेने के लिए कांग्रेस आलाकमान की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के चहेते नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ा भाई कहते हैं। मालवीय ने पूछा कि यह कोई आश्चर्य की बात है कि गांधी भाई-बहनों ने वयोवृद्ध अमरिंदर सिंह की जगह पाकिस्तान से प्यार करने वाले सिद्धू को चुना।
भाजपा को जो कहना है, कहती रहे: सिद्धू
श्री करतारपुर साहिब से लौटने के बाद नवजोत सिद्धू ने इमरान खान को अपना बड़ा भाई बताने वाले अपने बयान पर सफाई दी और कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच एकमात्र रास्ता दोस्ती ही है। दोनों देशों की संस्कृति एक है। ऐसे में अमन और शांति जरूरी है। सिद्धू ने कहा कि कोई उनकी बातों का भले ही बतंगड़ बना ले, उन्हें इसकी परवाह नहीं हैं। सिद्धू ने कहा कि भाजपा को जो कहना है, कहती रहे। सिद्धू ने कहा कि मैं शांति और दोस्ती की बात करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू होना चाहिए।
बाजवा को गले लगाने पर मचा था बवाल
2018 में नवजोत सिंह सिद्धू इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने पाकिस्तान गए थे। यहां उन्होंने पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को गले लगाया था। इस मामले को लेकर देशभर में सियासी बवाल खड़ा हो गया था। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधा था।