पंजाब के मानसा के गांव बुर्ज ढिल्लवां में जनरेटर व ट्रांसफार्मर ठीक करने वाले एक मैकेनिक से अकाली नेताओं ने जुर्माना स्वरूप उससे गुरुद्वारे की गोलक में कथित 51 हजार रुपये डलवाने का मामला सामने आया है। अकाली नेताओं को उनके पोस्टर पर काला तेल डालने का शक था, जिसके चलते उक्त कार्रवाई की गई।
पीड़ित लछमन सिंह ने बताया कि वे अकाली नेताओं व पुलिस के दबाव से बीते करीब दो सप्ताह से अपनी दुकान बंद कर मोड़ मंडी में अपने भाई रूप सिंह के साथ रह रहा है। उसके अनुसार उसकी कोई गलती न होने के बावजूद अकाली नेताओं के भय से वह उनके खिलाफ कुछ नहीं कह रहा है। उसे डर है कि उसे किसी केस में न फंसा दिया जाए। उसके भाई रूप सिंह ने बताया कि उक्त अकाली नेता लछमन सिंह की ट्रांसफार्मर की दुकान होने से उस पर आरोप लगा रहे हैं कि नेताओं पोस्टरों पर काला तेल डालने में उसका हाथ है।
उसके अनुसार तेल डालने की घटना के बाद गांव के अकाली नेता गुरभगत सिंह ने अपने साथियों समेत उसके भाई को कथित जाति सूचक शब्द कहे और हाथापाई भी की। बीते 17 दिनों से लछमण को पुलिस स्टेशन में भी हररोज बुलाकर शाम को घर भेजा जाता था। रूप सिंह ने आरोप लगाया कि अकाली नेता हमें समझौते के लिए पहले एक लाख और जमीन देने का दबाव डालते रहे।
आखिर 51 हजार रुपये गुरुद्वारा साहिब की गोलक में डालने का फैसला होने पर यह राशि गोलक में डाल दी। अकाली नेता गुरभगत सिंह ने उक्त घटना को पहले तो स्पष्ट रूप से नकार दिया। वहीं बाद में माना कि उसे किसी अन्य मामले में लछमण सिंह के खिलाफ शिकायत की थी जिसे समझौते से निपटा लिया गया था।
गांव के सरपंच बीरा सिंह ने उक्त लछमन सिंह के साथ हुई घटना को निंदनीय बताया। उन्होंने माना कि अकाली नेता गुरभगत सिंह ने अकाली नेताओं के पोस्टरों पर तेल डालने को लेकर उस पर 51 हजार रुपये का जुर्माना किया, लेकिन इसमें पंचायत व पंचायत सदस्यों की कोई भूमिका नहीं है।
थाना सदर मानसा के प्रभारी हरपाल सिंह ने बताया कि अकाली नेता गुरभगत सिंह ने कुछ दिन पहले लछमन सिंह की ओर से उसकी पगड़ी उतारने की शिकायत की थी, लेकिन इस मामले को पंचायत की मौजूदगी में दोनों पक्षों का समझौता करवाकर निपटा दिया गया था। उन्होंने उससे जुर्माना स्वरूप गुरुद्वारे में राशि डलवाने की बात से अज्ञानता जताते हुए कहा कि यदि लछमन सिंह सबूत सहित शिकायत देगा तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।