गुहला-चीका। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य संत बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल ने वोट नीति के तहत सिरसा डेरा मुखी का केस खारिज करवाकर पूरी सिख कौम की पीठ में छुरा घोंपा है।
उन्होंने कहा कि बादल की पुलिस ने कोर्ट में बयान दिया है कि 12 मई 2007 की जिस घटना को लेकर मामला दर्ज हुआ था, बठिंडा के सलाबतपुरा गांव में उस तरह की कोई घटना घटी ही नहीं थी। दादूवाल ने कहा कि अगर 12 मई को डेरा मुखी ने दशम गुरु का वेश धारण करके सिख पंथ का अपमान नहीं किया था तो फिर 17 मई 2007 को ही दमदमा साहिब में अकाल तख्त के जत्थेदार ने क्यों डेरा मुखी के खिलाफ हुक्मनामा जारी किया था।
दादूवाल ने कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार आज क्यों नहीं अपने फर्ज का निर्वाह करते हुए बादल को सिख पंथ से निष्कासित करते हैं? उन्होंने कहा कि अकाल तख्त का नाम आते ही सिखों का सिर अपने आप झुकने लगता है, लेकिन पिछले कुछ समय से तख्त के जत्थेदार के कुछ फैसलों से तख्त का वकार खतरे में पड़ गया है।
संत दादूवाल ने बीबी जागीर कौर से झूठ बोलने को लेकर पूरी कौम से माफी मांगने को कहा। उन्होंने कहा कि बीबी जागीर कौर ने एक बयान दिया था जिसमें कहा गया कि 6 तारीख को चीका गुरुद्वारा साहिब का नियंत्रण लेते समय ग्रंथी साहिबान व रागी जत्थों को पीटा गया। दादूवाल ने कहा कि गुरुद्वारे के समस्त ग्रंथी एवं रागी ढाडी आज भी गुरुद्वारे में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। बीबी जागीर कौर की बात सफेद झूठ है इसलिए वे तत्काल कौम से माफी मांगें।