यूटी पुलिस की साइबर सेल ने खालिस्तान समेत गैंगस्टरों व उनके गुर्गों के सोशल मीडिया पर चल रहे 90 अकाउंट बंद कर दिए हैं। साथ ही सॉफ्टवेयर की मदद से फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य प्लेटफार्म पर 100 अकाउंट को भी चिह्नित किया है, जो गैंगस्टरों के साथ जुड़ने और लोगों को धमकी देने के अलावा भड़काऊ पोस्ट अपलोड करते हैं।
पिछले दो साल से शहर में हत्या, गोलीबारी समेत रंगदारी आम बात हो गई है। इसी के मद्देनजर सीआईडी की टीम एक सॉफ्टवेयर की मदद से सोशल मीडिया पर ऐसे गैंगस्टर्स समेत खालिस्तानियों व अन्य आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले लोगों पर नजर रख रही है। इसमें पता लगा कि सोशल मीडिया पर खालिस्तानी, गैंगस्टर्स व उनके गुर्गे समेत कुल ऐसे 90 अकाउंट हैं, जिनमें भड़काऊ पोस्ट अपलोड हैं।
सीआईडी ने इन सभी अकाउंट की लिस्ट साइबर सेल को दी थी। इसके बाद साइबर सेल डीएसपी रश्मि यादव की अगुवाई में टीम ने सभी अकाउंट की डिटेल हासिल कर इन्हें बंद करवा दिया है। इनमें से ज्यादातर चंडीगढ़ से चलाए जा रहे थे। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, राजू बिसौदी, काला राणा, समेत खालिस्तान के समर्थन में कमेंट और फोटो अपलोड करने वाले शामिल हैं।
कमेंट्स करने वाले भी रडार पर
गैंगस्टरों के गुर्गों के अलावा और कमेंट्स करने वाले यूजर भी साइबर सेल के रडार पर हैं। टीम फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर गैंगस्टरों के अकाउंट ऑपरेट करने वालों की सूची तैयार कर रही है। इन अकाउंट में ज्यादातर गुर्गे व फलोअर्स गैंगस्टर्स से फेसबुक, मैसेंजर, व्हाट्सएप आदि से संपर्क करते हैं।
जल्द बंद होंगे 100 चिह्नित अकाउंट
साइबर सेल की जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर खालिस्तान के करीब 10, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई 70, संपत नेहरा के नाम से करीब 15 से ज्यादा अकाउंट चल रहे हैं। इन अकाउंट में ज्यादातर अपराधियों के गुर्गे, छात्र व अन्य युवा जुड़े हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर आपराधिक मामलों से जुड़े करीब 100 से ज्यादा अकाउंट को चिह्नित कर साइबर को रिपोर्ट दी गई है। साइबर सेल अब इन अकाउंट की जांच कर इन्हें भी बंद कराएगी।
युवाओं की काउंसलिंग करेगी साइबर सेल
आला अधिकारियों के अनुसार, ऐसे युवाओं की काउंसलिंग की जाएगी, जो कुख्यात अपराधियों के अकाउंट पर कमेंट करते हैं। साथ ही परिजनों के संज्ञान में भी लाया जाएगा। उन्हें समझाया जाया जाएगा कि गैंगस्टर्स के प्रोफाइल से जुड़ना, कमेंट करना, वीडियो अपलोड करना, या भड़काऊ पोस्ट डालना अपराध है। इस पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
दबदबा कायम करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल
28 सितंबर 2019 को बुड़ैल में सोनू शाह और 18 मार्च 2020 को सुरजीत बाउंसर की हत्या के बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और दविंदर बंबीहा के फेसबुक पर अकांउट पर इसकी जिम्मेवारी ली गई थी। हालांकि सोनू शाह हत्या मामले में पुलिस राजू बिसौदी को थाईलैंड से पकड़कर लाई थी जबकि सुरजीत हत्या मामला अब तक अनसुलझा है। गैंगस्टर्स अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए वारदात के बाद सोशल मीडिया पर आकर इसकी जिम्मेवारी लेते हैं।
सॉफ्टवेयर की मदद से सोशल मीडिया पर गैंगस्टर्स समेत अन्य असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनका अकाउंट बंद करवाया गया है जबकि कुछ अकाउंट को चिह्नित किया गया है, जल्द ही इन्हें भी बंद करवाया जाएगा।
- मनोज कुमार मीणा, एसपी क्राइम