लॉकडाउन के दौरान सिर्फ जरूरी सामान वाले दुकानों को ही खोलने की इजाजत है। इसमें राशन, सब्जी और फल की दुकानें शामिल हैं। एक महीने से जारी लॉकडाउन के चलते दुकानें बंद रहने से व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
एक कॉल पर प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और एसी मैकेनिक पहुंच रहे घर
भले ही लॉकडाउन में प्रशासन कोई ढील देने के मूड में न हो लेकिन उसे लोगों की चिंता जरूर है। तभी तो इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, एसी मैकेनिकों की सूची जारी की। पूरा शहर छह जोन में बांट दिया है। प्रत्येक क्षेत्र में इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर और एसी मैकेनिक वहां के रहने वालों की समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। इन कर्मियों का विवरण चंडीगढ़ प्रशासन की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। सभी मैकेनिक मास्क, हैंड सैनिटाइजर और दस्ताने का उपयोग अवाश्यक किया गया है। सामाजिक दूरी का खास ख्याल रखा जा रहा है।
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एक माह में साढ़े 21 लाख खाने के पैकेट बांटे
चंडीगढ़ की विभिन्न संस्थाओं की मदद से प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान अब तक 21 लाख 49 हजार पके हुए खाने के पैकेट जरूरतमंदों के बीच बांटे हैं। नगर निगम के कमिश्नर केके यादव ने बताया कि कर्फ्यू लगने के बाद से शहरवासियों ने विभिन्न एप के द्वारा 33,115 ऑनलाइन आर्डर किए, जिन्हें लोगों के घरों तक पूरी सुरक्षा के साथ पहुंचाया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 24000 परिवारों को गेहूं और दाल मुहैया कराया जा चुका है।
कोविड-19 के रिकवरी के मामले में चंडीगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है। स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि देश का रिकवरी रेट 20 प्रतिशत है, जबकि चंडीगढ़ का 56 प्रतिशत है। इसके अलावा चंडीगढ़ में कोरोना के मामले करीब 30 दिन में दोगुना हो रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत साढ़े 8 दिनों का है। यह चंडीगढ़ के लिए राहत भरी खबर है।
दूसरे राज्यों से आने वाले लोग किए जा रहे क्वारंटीन
चंडीगढ़ में अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन जा रहा है।। हालांकि, मोहाली और पंचकूला सहित पड़ोसी क्षेत्रों में रहने वाले वह लोग जो सरकारी ड्यूटी व अनिवार्य सेवाओं में लगे हैं, उन्हें इससे राहत मिली। वहीं बार्डर पर ही सभी की स्क्रीनिंग की जा रही है।
लॉकडाउन की वजह से लोग अपे घरों में हैं। ऐसे में चंडीगढ़ प्रशासन सीटीयू की बसों से हर सेक्टर पर जरूरी सामान और सब्जियों की आपूर्ति कर हा है। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लोगों को गेहूं और दाल मुहैया कराई जा रही है। इस पर प्रशासक ने आदेश दिए कि शहर के सभी आटा मिल को खोला जाए, ताकि जिन व्यक्तियों को गेहूं मिला है, वह उनकी पिसाई करा सकें। प्रशासन जरूरतमंद परिवारों तक मिल्क पाउडर भी पहुंचा रहा है।
अब तक 18058 लोग राउंडअप, 661 गिरफ्तार, 5603 वाहन जब्त
कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए डॉक्टरों के बाद पुलिस अहम रोल निभा रही है। ऐसे में रोजाना चंडीगढ़ पुलिस औसतन 600 लोगों को पकड़ रही है जो बेवजह शहर की सड़कों पर घूमते नजर आए हैं। 23 मार्च की मध्यरात्रि से अब तक तो शहर के अलग-अलग हिस्सों से 18058 लोगों को राउंडअप किया जा चुका है।
इनमें ईस्ट डिवीजन से 10395, सेंट्रल से 2934 और साउथ डिवीजन से 4729 लोग शामिल है। जबकि 423 केस दर्जकर 661 लोगों की गिरफ्तार हो चुकी है। वहीं 9470 वाहनों को चेकिंग के लिए रोका गया। जबकि बिना वजह सड़कों पर दौड़ रहे 5603 वाहनों को जब्त किया गया। इसके अलावा पिछले 24 घंटे में पुलिस ने शहर के अलग-अलग जगहों से 296 लोगों को राउंडअप किया, जो बेवजह सड़कों पर घूम रहे थे।
सुबह पार्कों में सैर करना लोगों को महंगा पड़ रहा है। चंडीगढ़ पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर मॉर्निंग वॉक पर निकलने को लेकर 56 केस दर्ज किए थे। इसमें 182 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं मनीमाजरा में भी घर के पास गलियों में सैर कर रहीं 25 महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। चंडीगढ़ में सार्वजनिक स्थलों पर थूकने को दंडनीय अपराध बना दिया गया। अब अगर किसी ने पान, गुटका या तंबाकू आदि खाकर थूका तो उसे जेल भी जाना पड़ सकता है। इससे पहले शहर में पान, मसाला की बिक्री और खाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
15 मई तक स्कूलों में छुट्टी
कोरोना वायरस के वजह ले लॉकडाउन के साथ कर्फ्यू शहर में जारी है। यूटी प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी स्कूलों में 15 अप्रैल से 15 मई तक गर्मियों की छुट्टियों घोषित कर दी है। वहीं, प्राइवेट स्कूलों को भी ऐसा ही करने की सलाह दी गई थी।