हरियाणा पुलिस, कहने को हमारी खाकी हाइटेक होने की ओर बढ़ रही है। लेकिन कुछ बुनियादी चीजें हैं, जिनमें यह आज भी काफी पीछे हैं।
चौंकने वाली बात यह है कि लोगों की सुरक्षा के लिए हर त्योहार घर के बाहर मनाने वाले पुलिसकर्मी का एक दिन का खाना जहां महज 20 रुपये का है, वहीं जेल में बंद कैदी की एक दिन की डाइट 40 रुपये है। बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं हो जाती कन्वेंस एलाउंस भी महज 120 रुपये मासिक है। इसमें दो दिन तक बाइक भी नहीं चल सकती।
दो वक्त की चाय भी नहीं है मयस्सर
पुलिस के लिए राशन भत्ता करीब 20 साल पहले लगा था। उस वक्त के लिहाज से भले ही खाने के लिए दी जाने वाली यह रकम पर्याप्त हो, लेकिन आज दो वक्त का खाना तो दूर, दो कप चाय भी मयस्सर नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर महंगाई बढ़ने के बावजूद पुलिसकर्मियों के राशन भत्ते में कोई बदलाव क्यों नहीं किया गया।