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जीरकपुर: पूरा परिवार डेंगू की चपेट में, 23 साल की युवती की मौत

Wed, 18 Oct 2017 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जीरकपुर(पंजाब)
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मृतका ईशा गौड की फाइल फोटो और लारवा को नष्ट करते हुए सेहत विभाग की टीम
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डेंगू से पीड़ित एक 23 वर्षीय लड़की की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद सेहत विभाग पूरी तरह से सतर्क होकर मामले की जांच में जुट गया है। जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़-अंबाला हाईवे स्थित मोतिया रॉयल सिटी के टावर नंबर-2 के फ्लैट नंबर-2 में रह रहे गौड़ परिवार के सभी सदस्य बीमार हो गए थे। परिवारवालों का सेक्टर-34 (चंडीगढ़) के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।
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मंगलवार सुबह दस बजे अस्पताल में इलाज के दौरान ईशा गौड़ की मौत हो गई। सेना में कार्यरत मृतका के पिता दिनेश गौड़, मां सीमा गौड़ और भाई गौरव गौड़ का अभी इलाज चल रहा है। ईशा की मौत से पारिवारिक सदस्य सदमे में होने के कारण पड़ोसियों ने मामले की जानकारी सेहत विभाग को दी। वहीं, डेराबस्सी सिविल अस्पताल की एसएमओ संगीता जैन ने बताया कि अभी सेहत विभाग ने मृतका लड़की या परिवार के किसी अन्य मेंबर को डेंगू होने की पुष्टि नहीं की गई। लेकिन मौत की सूचना मिलने के बाद मोतिया रॉयल सिटी सोसायटी में सेहत विभाग की टीम को लारवा नष्ट करने के निर्देश जरूर दे दिए गए हैं।  

पड़ोसी फ्लैट से टीम को मिला डेंगू लारवा
सेहत विभाग के सुपरवाइजर लखविंदर सिंह ने बताया कि उक्त फ्लैट के साथ एक अन्य फ्लैट लंबे समय से बंद पड़ा है। इसमें पानी लीक होकर बॉलकनी में इकट्ठा हो गया। रुके हुए साफ पानी के अंदर डेंगू मच्छर का लारवा जन्म लेता है। उन्होंने बताया कि बंद फ्लैट में इकट्ठा हुए पाने से पैदा हुए मच्छर ने पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया है। सेहत विभाग की टीम ने सोसायटी में दवाओं का छिड़काव किया। 
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प्रमाण पत्र में डेंगू होने की पुष्टि
जानकारी के अनुसार, मृतका ईशा गौड़ का इलाज जिस अस्पताल में चल रहा था, वहां से जारी हुए प्रमाण पत्र में उसकी मौत डेंगू होना बताया गया है। जबकि मृतका के अलावा उसके भाई गौरव, पिता दिनेश और सीमा गौड भी डेंगू से पीड़ित हैं। उनका भी इलाज चल रहा है।
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