मंडी (हिमाचल) से पिता के साथ चंडीगढ़ आए एक युवक ने चंडीगढ़ पुलिस के एएसआई सहित चार पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। युवक ने डीजीपी प्रवीर रंजन को भेजकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। मामला संज्ञान में आने पर एसएसपी यातायात मनीषा चौधरी ने कहा है कि जांच में यातायात पुलिसकर्मी दोषी पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित निखिल कुमार ने बताया कि वह मंडी में दुकान चलाता है। 14 अगस्त को वह गाड़ी से अपनी बुआ की बेटी की शादी में शामिल होने चंडीगढ़ आया था। उसके साथ मां, पिता और भाई भी थे। गाड़ी पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उसे ट्रिब्यून चौक पर रोक लिया। एएसआई सहित चारों पुलिसकर्मियों ने उससे 17 हजार का चालान काटने की बात कही। युवक ने बताया कि उसकी नंबर प्लेट गुम गई है, जिसकी उसने डीडीआर भी दर्ज कराई है। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने डीडीआर की कॉपी उसके मुंह पर मारी और चालान कटवाने को कहा। इस दौरान गाड़ी से जब युवक के पिता बाहर निकले तो पुलिसकर्मियों ने उनसे दुर्व्यवहार किया। बाद में पांच हजार की रिश्वत देकर मौके से जाने को कहा। बाद में दो हजार पर तैयार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर डीजीपी ने एसएसपी यातायात मनीषा चौधरी को जांच के आदेश दे दिए हैं। एसएसपी ने डीएसपी दक्षिण को जांच सौंपी है।
कोई रोके तो बोलना तीन नंबर नाके पर दे दिए हैं रुपये
पुलिसकर्मियों ने निखिल से दो हजार रुपये लेने के बाद ये भी कहा कि आगे अगर कोई पुलिसकर्मी रोके तो बोलना तीन नंबर नाके पर रुपये दे दिए हैं। निखिल ने बताया कि घर लौटकर सोचा कि जब सारे दस्तावेज थे तो उससे दो हजार रुपये किस बात के लिए गए। इसके बाद उसने चंडीगढ़ पुलिस को ऑनलाइन शिकायत दी।
ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ भ्रष्टाचार, गलत चालान समेत आईं 67 शिकायतें
बता दें कि पिछले दो माह में ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ 67 ऑनलाइन शिकायतें आ चुकी हैं। इनमें तीन भ्रष्टाचार, 29 गलत चालान, 6-6 मिसलिनियस व उत्पीड़न और अन्य तरह की शिकायतें शामिल हैं। इनमें से नौ लोगों ने सुझाव भी दिए हैं। बता दें कि शहर में ऑनलाइन शिकायत देने की व्यवस्था गृहमंत्री अमित शाह ने शुरू की थी।