पंजाब में नशा नासूर बनता जा रहा है। इससे होने वाली मौतों का सिलसिला जारी है। रविवार को लुधियाना जिले गांव चौंता में नशे की ओवरडोज से एक युवक की मौत हो गई। युवक का शव गांव के सरकारी स्कूल के बाहर मिला। राहगीरों ने शव देखकर जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने जांच की तो मृतक के पास एक सिरिंज मिली है। आशंका है कि युवक ने नशे का टीका लिया और ओवरडोज से उसकी जान चली गई। पुलिस ने जांच के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है।
समाजसेवी दियाल सिंह मंड ने बताया कि गांव का ही 30 वर्षीय युवक दीशा पिछले एक साल से नशे का आदी था और मजदूरी करता था। उसका पिता भी मजदूर है और कई बार उसका इलाज करवाया गया। मगर वह पिछले कुछ दिन से फिर से नशा करने लगा था। रात को वह घर से बिना बताए ही चला गया और सुबह उसका शव स्कूल के बाहर मिला। सुबह करीब छह बजे लोग काम के लिए बाहर निकले तो स्कूल के गेट पर शव पड़ा देखा।
गांव के लोगों ने पुलिस के प्रति गुस्सा भी जाहिर किया। लोगों का आरोप है कि इलाके में नशा बिक रहा है और कोई भी इसकी सुध नहीं ले रहा। पुलिस को कई बार शिकायत दी गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। इलाका विधायक हरदीप सिंह मुंडियां को भी जानकारी दी गई थी लेकिन फिर भी कोई हल नहीं हुआ। अब गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से नशा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मंजीत कौर ने कहा कि गांव में बड़े स्तर पर धरने तक लग चुके हैं लेकिन नशा नहीं रुक रहा। लोगों के मुताबिक पुलिस कर्मचारियों की मिलीभगत है। यही वजह है कि नशा तस्करों को गांव में पकड़ा नहीं जाता। चौंता गांव के सरकारी स्कूल के बाहर सरेआम नशा बिकता है। गांव निवासी सुक्खन सिंह ने बताया कि थाना साहनेवाल पुलिस की लापरवाही है। पुलिस को कई बार लोगों ने शिकायत दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। कई बार नशा तस्करों को लोगों ने पकड़ा भी है लेकिन पुलिस उन्हें छोड़ देती है।