युवती के साथ भागने पर गिरफ्तार गांव ईसड़ू के रहने वाले गुरविंदर सिंह (25) का शव बुधवार सुबह गांव के खेत में मिला। परिजनों ने पुलिस और युवती के परिजनों पर हत्या का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों के साथ खन्ना-मालेरकोटला रोड पर लगभग तीन घंटे जाम लगाए रखा।
इसके बाद मृतक के भाई गुरप्रीत सिंह की शिकायत पर सदर थाने में पुलिस चौकी ईसड़ू के सभी मुलाजिमों, युवती और उसके परिजनों समेत 11 पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार गुरविंदर गांव की ही एक युवती को एक हफ्ते पहले भगा ले गया था। पुलिस ने रविवार को दोनों को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब कोट से पकड़ लिया।
युवती को परिवार के हवाले कर दिया गया और पुलिस गुरविंदर को ईसड़ू चौकी ले गई। बुधवार सुबह उसकी लाश गांव में ही खेतों में मिली। गुरप्रीत ने बताया कि उसके भाई गुरविंदर की शर्ट फटी हुई थी और चेहरे समेत शरीर पर चोटों के निशान थे।
उसने आरोप लगाया कि मंगलवार रात युवती के परिजनों ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर उसके भाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव यहां फेंक दिया।
वहीं पुलिस मुलाजिमों से जब इस बारे में पूछा गया तो पहले उन्होंने कहा कि गुरविंदर को छोड़ दिया गया था। जब उनसे पूछा कि उसे लेने परिजनों को क्यों नहीं बुलाया गया तो दूसरा पुलिसकर्मी कहने लगा कि वह चौकी से भाग गया था।
खन्ना के एसपी डी जसबीर सिंह ने बताया कि मृतक के भाई गुरप्रीत सिंह की शिकायत पर चौकी इंचार्ज कर्मजीत सिंह, हवलदार जसवंत सिंह, कांस्टेबल हरभजन सिंह, होमगार्ड अवतार सिंह, युवती, उसके दादा समेत 11 आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही गुरविंदर की मौत के कारण का खुलासा हो सकेगा।