वहीं, केंद्र से भागने की कोशिश करने वाले लखवीर सिंह ने बताया कि प्रदीप कुमार दो-तीन दिन से परेशान था। प्रदीप कहता था कि उसे यहां से भागना है। केंद्र वाले उनको डराते थे। घरवालों से बात भी नहीं करवाते थे। प्रदीप घर जाने की जिद करने लगा। उसने शाम को सरिया के जरिये ताला तोड़ा और ऊपर चला गया और भागने की कोशिश करने लगा। मैंने उसको समझाया। रात में केंद्र में उसके साथ मारपीट की गई और सुबह प्रदीप ने आत्महत्या कर ली और वह भी डर के चलते भागने की कोशिश करने लगा था और नीचे गिरने से पैर टूट गया।
वहीं, जब एसडीएम धर्मकोट से इस मामले में बात की गई तो उन्होंने बताया कि प्रदीप ने डिप्रेशन की वजह से आत्महत्या की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि उसके साथ मारपीट हुई या कोई और कारण है। मोगा के डीसी मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाएंगे।
मुक्तसर: पार्क के पास मिला युवक का शव
मुक्तसर में कोटकपूरा रोड पर श्री गुरु गोबिंद सिंह पार्क के पास युवक का शव मिला है। बताया जा रहा है कि युवक की मौत का कारण नशे का सेवन करना है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान गोनियाना रोड निवासी सोनू कुमार के तौर पर हुई। बताया जा रहा है कि मृतक ने मंगलवार शाम को नशे के कैप्सूलों का बहुत ज्यादा सेवन कर लिया था। इसके बाद वह देर शाम तक पार्क के एंट्री प्वाइंट के पास ही लेटा रहा।
बाबा जीवन सिंह मिस्त्री मजदूर यूनियन के अध्यक्ष शमिंदर कुमार ने बताया कि मृतक पिछले तीन साल से लेबर के लिए बनी शेड में ही रहता था। वह अपने घर नहीं जाता था क्योंकि यहां पर वे नशा करने का आदी था। उसे कई बार नशा करने से रोका गया लेकिन नहीं माना। शमिंदर कुमार के अनुसार मजदूरों के लिए बने शेड में नशेड़ियों और नशा तस्करों ने कब्जा कर रखा है। वे पूरा दिन यहां बैठे रहते हैं। अगर वह उन्हें यहां से उठाने का प्रयास करते हैं तो तेजधार हथियार दिखाकर धमकाया जाता है। कई बार पुलिस प्रशासन व डीसी से अपील की जा चुकी है लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।