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अलविदा 2020 : अनलॉक होते ही गोलियों की आवाज से गूंजा चंडीगढ़, ताबड़तोड़ हुई वारदातें 

Sat, 26 Dec 2020 01:59 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में भिड़ते क्राइम ब्रांच कर्मचारी और पुलिस के कर्मचारी। - फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ में 2020 में कोविड-19 की एंट्री के साथ ही अपराध पर ब्रेक लग गया। कोरोना काल में अपराधी भी छिपकर बैठ गए लेकिन अनलॉक के बाद जैसे ही शहर में नए एसएसपी कुलदीप सिंह चहल की नियुक्ति हुई, चंडीगढ़ गोलियों की आवाज से गूंज गया। अपराधियों ने ताबड़तोड़ एक के बाद एक कई वारदात को अंजाम देकर कोहराम मचा दिया। क्राइम ब्रांच पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा। वहीं दूसरी तरफ शहर में पहली बार ऑन द स्पॉट चालान शुरू किया गया। 
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बाउंसर सुरजीत को गोलियों से भूना 
17 मार्च को सेक्टर-38 वेस्ट में बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ पांच गोलियां बरसाकर सुरजीत बाउंसर की हत्या कर दी। हत्या में गैंगस्टर दविंदर बंबीहा के फेसबुक अकाउंट पर गौरव पटियाल उर्फ लकी के नाम का खुलासा हुआ। जांच में मई 2017 में सकेतड़ी मंदिर के पास बाउंसर अमित शर्मा उर्फ मीत की हुई हत्या की रंजिश से जुड़ रही थी। पुलिस को गौरव की आखिरी लोकेशन रोमानिया में मिली। वारदात के नौ महीने बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। 

शराब कारोबारी गोलीकांड 
31 मई को सेक्टर-33 व 2 जून को सेक्टर-9 में शराब कारोबारियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। दोनों ही मामलों में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नाम सामने आया। पुलिस ने साजिश रचने वाले गैंगस्टर दीपू बनूड़ को अंबाला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर पूछताछ के लिए ले आई। खुलासा हुआ कि रंगदारी की वजह से शराब कारोबारियों पर गोली बरसाई गई थी। दोनों ही मामलों में पुलिस ने कई अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। जबकि शूटर नितिन नाहर, अमरजीत उर्फ टोपी और देवेंद्र उर्फ चावला को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था जबकि तीन शूटर बलबीर सिंह उर्फ मनी, राहुल और बच्ची फरार हैं।
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सोपू नेता गुरलाल बराड़ की हत्या  
11 अक्तूबर की रात औद्योगिक क्षेत्र में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी व सोपू नेता गुरलाल बराड़ की बाइक सवारों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। गैंगस्टर दविंदर बंबीहा गुट ने फेसबुक पर लवी दियोड़ा कोटकपूरा को मरवाने में गुरलाल शामिल होने पर उसकी हत्या की जिम्मेदारी ली। इसके बाद दोनों गैंगस्टर्स के गुटों में गैंगवार शुरू हो गई। शूटरों तक बाइक मुहैया करवाने वाले दो आरोपी गुरविंदर सिंह व गुरमीत सिंह को गिरफ्तार किया गया और गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह उर्फ बाबा से पूछताछ हुई। मामले में गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लकी की पुलिस को तलाश है। 

 

टिकटॉक स्टार और सोनू शाह के गवाहों पर चली गोली 

12 अक्तूबर को बुडै़ल में सोनू शाह हत्याकांड के गवाहों को गोली मारने की कोशिश की गई। सीसीटीवी फुटेज में सोनू शाह का भाई मोंटी शाह कैद था। आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने मोंटी शाह पर 50 हजार का इनाम रखा हुआ है। वहीं इसके अगले दिन सेक्टर-9 एसको बार के बाहर टिकटॉक स्टार सौरव गुर्जर को गोली मारी गई थी। मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 

आपस में उलझी क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस 
23 अक्तूबर को सेक्टर-9 एसको बार से धमकी देकर फरार हुए गैंगस्टरों की क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस ने अपने-अपने इलाके में तलाश शुरू की थी। इस दौरान सेक्टर-26 थाना पुलिस ने एक क्लब के बाहर से दो युवकों को हिरासत में लिया, तभी क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस के बीच मारपीट हुई। इसका वीडियो भी सामने आया। वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ। बाद में एसएसपी कुलदीप सिंह चहल के निर्देश पर सभी को निलंबित कर दिया था। 

64 पुलिसकर्मी हुए कोरोना संक्रमित 
कोरोना की वैश्विक महामारी को रोकने के लिए 24 मार्च से शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। इस दौरान पुलिस जगह-जगह दिन रात मुस्तैदी से जुटी रही। इसके चलते डीएसपी से लेकर होमगार्ड तक 64 पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में आ गए। मलोया थाना, पुलिस पब्लिक विंडो, सेक्टर-61 चौकी, पुलिस लाइन, समेत कई बीट बाक्स को बंद कर दिया गया था। हालांकि बाद में सभी पुलिसकर्मी कोरोना को मात देकर दोबारा ड्यूटी पर लौट आए। 

आईपीएस कुलदीप और मनीषा चौधरी की नियुक्ति
एसएसपी यातायात शशांक आनंद और यूटी पुलिस की एसएसपी नीलांबरी विजय जगादले का तबादला होने के बाद शहर के दोनों एसएसपी की जगह लगभग डेढ़ महीने खाली रही। इसके बाद पंजाब कैडर के आईपीएस कुलदीप सिंह चहल और हरियाणा कैडर की आईपीएस मनीषा चौधरी की चंडीगढ़ में एसएसपी के पद नियुक्ति की गई। 

 
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क्राइम ब्रांच पर लगे रिश्वत लेने के आरोप 
सेक्टर-39 थाना अंतर्गत एक शराब कारोबारी ने आरोप लगाया था कि उसके 8 ठेकों से हर महीने 12 हजार के हिसाब से क्राइम ब्रांच के मुलाजिम 96 हजार रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए साउथ एएसपी श्रुति अरोड़ा ने 29 नवंबर को क्राइम ब्रांच के मुलाजिम पर मामला दर्ज किया था। मामले में क्राइम ब्रांच में तैनात हवलदार पवन और अनिल का नाम सामने आया था। इसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। 

पहली बार शुरू हुआ ऑन द स्पॉट चालान 
जुलाई में यातायात पुलिस विभाग ने पहली बार एसएसपी शशांक आनंद की अगुवाई में ऑन द स्पॉट चालान शुरू किया। 2011 में यह प्रोजेक्ट लटका हुआ था। जिसे यातायात पुलिस ने पूरा करने में करीब नौ साल का वक्त लगा दिया। करीब 55 लाख कीमत की लगभग 200 ई-डिवाइस को यातायात पुलिस विभाग ने ट्रेनिंग के बाद अपने मुलाजिमों को दे दिया था। 

एसएसपी के आने के बाद आठ पुलिसकर्मी निलंबित
एसएसपी कुलदीप सिंह चहल की नियुक्ति के बाद दो इंस्पेक्टर, तीन सब इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिस कर्मी निलंबित हो चुके हैं। 20 अक्तूबर को सेक्टर-24 चौकी इंचार्ज को निलंबित किया गया था। वहीं, गैंगस्टर के शक में युवक को पकड़ने पर क्राइम ब्रांच और सेक्टर-26 थाना पुलिस के बीच हुई हाथापाई में क्राइम ब्रांच और सेक्टर-26 थाना के छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।

इस साल अब तक कितनी वारदात
          मामला              वारदात 
  • वाहन चोरी          420
  • झपटमारी            76
  • घरों में चोरी          83
  • आर्म्स एक्ट          32
  • लूटपाट               21
  • दुष्कर्म                55
  • छेड़छाड़             38
  • नशा तस्करी        127
  • शराब तस्करी      159
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