सेक्टर 14/15 लाइट प्वाइंट पर फरार होते आरोपियों की बोलेरो गाड़ी।
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चंडीगढ़ की सड़कों पर रात में महिलाओं के लिए निकलना सुरक्षित नहीं है। बुधवार देर रात बोलेरो कार में सवार छह मनचलों ने अपने बेटे के साथ पैदल जा रही महिला का पहले पीछा किया, फिर उसकी स्कूटी में टक्कर मार दी। दहशत में आई महिला ने शोर मचाया तो मनचले भाग निकले। आरोपियों की कार सीसीटीवी में कैद हो गई है।
वारदात के बाद घबराई 35 वर्षीय महिला ने पुलिस को बताया कि वह नयागांव में रहती है। सेक्टर 25 से अपने बेटे के साथ रात करीब पौने 11 बजे एक्टिवा से घर लौट रही थी। पंजाब यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 2 से पहले एक्टिवा का पेट्रोल खत्म हो गया। इसके बाद वह पैदल ही उसे लेकर चलने लगी। इतने में पीछे से बोलेरो में सवार युवक आए और कभी उसके आगे तो कभी पीछे पांच छह चक्कर काटे। महिला उन्हें अनदेखा करते हुए सड़क पर चलती रही। हालांकि वह और उसका बेटा बुरी तरह डर गए।
जैसे ही वह सेक्टर 14/15 पंजाब यूनिवर्सिटी के लाइट प्वाइंट के पास पहुंची तो मनचलों ने बैक करके एक्टिवा में टक्कर मार दी। इससे उसके बेटे को कुछ चोटें आईं। इससे घबराई महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपी सेक्टर-15 मार्केट की ओर फरार हो गए। महिला के मुताबिक, कार में छह युवक सवार थे। उनके जाने के बाद महिला ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज लेकर जांच शुरू कर दी है।
मनचलों का क्या था मंसूबा, जांच जारी
आधी रात को हुई इस वारदात की जांच में जुटी पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मनचलों का मंसूबा क्या था। वह लूट या अपहरण के इरादे से उसका पीछा कर रहे थे, या कोई और वजह थी। वजह जो भी हो, वारदात के बाद से महिला और उसका बेटा बुरी तरह डरे हुए हैं। चंडीगढ़ जैसे शहर में इस तरह की वारदात महिला सुरक्षा पर कई सवाल खड़े करती है।
दो युवकों ने लगाया था घात
महिला ने बताया कि वारदात वाली जगह पहले से ही दो युवक घात लगाकर खड़े थे। लेकिन एक्टिवा में टक्कर लगते ही महिला ने शोर मचाया तो दोनों युवक चलती बोलेरो में सवार होकर फरार हो गए। वहीं, पुलिस ने जब घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र का सीसीटीवी कैमरा खंगाला तो गाड़ी उसमें दिखी। पुलिस बोलेरो गाड़ी के नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुट गई है।
खौफ के 20 मिनट, हलक में अटकी रहीं महिला की सांसें
खौफ के 20 मिनट कैसे गुजरे यह महिला ने खुद बताया। महिला के मुताबिक, उनकी मां सेक्टर 15 में रहती हैं। वह उन्हें खाना देकर लौट रही थी। वह तो बेफिक्र मासूम बेटे के साथ जा रही थी। उसे क्या पता था कि कुछ बिगड़ैल गुंडे उसके पीछे पड़ जाएंगे। सुनसान सड़क पर मनचलों की हरकतों से वह घबरा गई। उसका बेटा भी डर गया। वह किसी तरह आगे बढ़ती रही।
इस बीच वह अपनी कार कभी आगे ले जाते कभी बैक गियर में पीछे ले आते। उन्होंने पांच से छह बार यह हरकत की। इससे वह और डर गई। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करे। वह तेज कदमों से स्कूटी लेकर लाइट प्वाइंट पर पहुंचना चाहती थी। उसे उम्मीद थी कि वहां कोई न कोई जरूर दिख जाएगा। लेकिन मनचलों ने उसकी एक्टिवा में टक्कर मार दी तो दहशत में उसकी चीख निकल गई। बेटा भी रोने लगा तो मनचले भाग गए।
रात में कर्फ्यू के दौरान सड़कें सूनी
रात में कर्फ्यू के दौरान यूटी पुलिस लगातार पेट्रोलिंग का दावा करती है लेकिन शहर में कई ऐसे प्वाइंट हैं, जहां कोई पहरा नहीं होता। इसी का फायदा उठाकर अपराधी वारदात को अंजाम देते हैं।