जांच अधिकारी एएसआई मेवा सिंह ने कहा कि जसविंदर सिंह निवासी गांव थूहा तहसील राजपुरा जिला पटियाला की शादी साल 2016 में गांव डेरा जगाधरी निवासी रमनदीप कौर के साथ हुई थी। जसविंदर डेराबस्सी इस्सापुर रोड पर राम मंदिर के सामने किराए की दुकान में ग्रामीण सुविधा सेंटर चला रहा था। इसी दुकान के पर बने कमरों में वह अपने परिवार के साथ रहने लगा।
यहां आने से कुछ समय बाद जसविंदर के पिता गुरदयाल सिंह भी साथ आ कर रहने लगे। बताया जा रहा है कि जसविंदर और उसकी पत्नी में तनाव रहता था। करवा चौथ से पहले पत्नी मायके चली गई। फिर सास ने फोन करके संथारा लेकर आने को कहा। जसविंदर संथारा लेकर ससुराल पहुंचा तो पता चला कि उसकी पत्नी ने व्रत रखा ही नहीं। जब उसने वजह पूछी तो पत्नी ने कहा कि वह उसके लिए मर गया है। इसलिए उसे व्रत रखने की जरूरत नहीं है।
जसविंदर किसी तरह समझाबुझा कर पत्नी को घर ले आया। लेकिन उसके बाद दोनों में लगातार झगड़े होने लगे। मृतक के पिता गुरदयाल सिंह के मुताबिक, वे अपनी बेटी से मिलने के लिए गए हुए थे कि बहू का फोन आया और उसने जसविंदर द्वारा फंदा लगा लिए जाने की खबर दी। वे आनन फानन में घर पहुंचे और बेटै को फंदे पर लटके पाया।