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मोहालीः पत्नी ही निकली थी NRI जसरकण की कातिल, पुलिस ने दो महीने में सुलझा लिया था मामला

Thu, 01 Nov 2018 02:40 PM IST
अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली
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जसरकण की कातिल
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मोहाली में मार्च 2016 में गीतकार जिंद स्वाड़ा के चचेरे भाई एनआरआई जसकरण सिंह (38) की हत्या हुई थी। पूरे देश को हिलाकर रख देने वाला ये केस कई महीनों तक पहेली बना रहा।
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क्योंकि जसकरण काफी मिलनसार स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी। पुलिस को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर कातिल कौन होगा। पुलिस कई लोगों को राउंडअप कर पूछताछ कर चुकी थी। कुराली में हुए एक मर्डर केस में पुलिस ने लखवीर सिंह नाम के आरोपी व उसके साथियों को काबू किया था।

इस दौरान पुलिस ने दावा किया था कि जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने एनआरआई जसकरण सिंह की हत्या की बात कबूली थी। वहीं, उन्होंने बताया था कि यह हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी इंग्लैंड में रही पत्नी पवनदीप ने करवाई थी। साथ ही जसकरण को मारने के बदले आरोपियों को करोड़ों रुपये आफर किए थे। यह केस जिला अदालत में अभी चल रहा है।        
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कनाडा में जाकर हुआ प्यार, फिर की शादी       
उस समय पुलिस की जांच में सामने आया था कि जसकरण 1994 में कनाडा गया था। वहां पवनदीप एक डिपार्टमेंटल स्टोर में काम करती थी। स्टोर पर ही दोनों की मुलाकात अकसर होती थी। ऐसे में दोनों में दोस्ती प्रेम में बदल गई।  2001 में दोनों ने शादी की थी। इसके बाद उनके आगे बच्चे हो गए। 

फिर आई रिश्तों में दरार, राहें हो गईं अलग

कुछ समय बाद पति और पत्नी के संबंधों में दरार आनी शुरू हो गई। वह अकसर वहां पर लड़ते झगड़ते रहते थे। उस समय जसकरण के परिवार वालों ने बताया था कि पवनदीप पति को वहां पर कई बार झूठे मामलों में फंसाकर जेल तक भेज चुकी थी। इसके बाद से जसकरण ज्यादा समय भारत में ही रहता था। हालांकि बच्चों से मिलने के लिए वह विदेश आता जाता रहता था।       

पति को मारकर प्रॉपर्टी पर कब्जा चाहती थी       
पवनदीप के अपने पति के साथ अच्छे संबंध नहीं थे। लेकिन पवनदीप के दिमाग में था कि उसके पति की अच्छी खासी संपत्ति है। ऐसे में पति की मौत हो जाती है तो प्रॉपर्टी उसके बच्चों के नाम हो जाएगी। ऐसे में प्रॉपर्टी उसके कब्जे में हो जाएगी। ऐसे में उस प्रॉपर्टी को पाने के लिए उसने सारी रणनीति रची थी।      

ऐसे दी थी हत्या की सुपारी       
पवनदीप वैसे मूलरूप से की ही पंजाब रहने वाली थी। उसके इस मामले के एक आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ सोनी से अवैध भी संबंध थे। मामले के एक अन्य आरोपी भवनप्रीत व सोनी दोनों दोस्त थे। इसके बाद भवनप्रीत से पवनदीप के संबंध बने थे। साथ ही दोस्ती गहरा गई। इस दौरान ही जसकरण को मारने की योजना बनाई गई। साथ ही मामले के आरोपियों को विश्वास दिलाया गया था कि आरोपियों को मोटी रकम दी जाएगी।  लखवीर सिंह को 85 लाख, भवनप्रीत को एक करोड़ और गुरप्रीत सिंह को पच्चीस लाख रुपये आफर किए गए थे।     
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आरोपियों के खातों में कनाडा से भेजे थे पैसे

पुलिस से पता चला था कि आरोपियों को दो लाख रुपये वेस्टर्न यूनियन के माध्यम से पवनदीप ने भेजे थे। जोकि आरोपियों ने आपस में बांट लिए थे। इसके बाद पवनदीप कौर ने सीधे तौर पर लखबीर सिंह से बात शुरू की थी। फिर उसने 75 हजार रुपये भेजे थे। पवनदीप कौर से लखवीर सिंह लगातार संपर्क में था। पवनदीप कौर ने शेष रकम काम होने के बाद देने का वायदा किया था। पवनदीप ने पति के बारे में पूरी जानकारी लखबीर सिंह को दी थी। उसने कई बार जसकरन सिंह की रैकी की थी, लेकिन जसकरण अकेला नहीं मिल पा रहा था।      

ऐसे की थी हत्या      
16 मार्च 2018 को जसकरन अपने दफ्तर में ही मौजूद था। तभी एक आरोपी जमीन खरीदने के बहाने से पहुंचा। इसके बाद जसकरन उन्हें अपनी कार में बैठाकर जमीन दिखाने ले गया। जब वे मिडल स्कूल के पास पहुंचे तो आरोपियों ने उस पर चाकुओं से हमला कर दिया। साथ ही उसकी कार को लेकर भाग गए थे। इसके बाद पुलिस को आरोपी की कार दिल्ली की एक पार्किंग से मिली थी।

वहीं, पुलिस ने मामले में लखवीर सिंह (32) गांव स्वाना जिला नवां शहर, दविंद सिंह (25) निवासी भागोवाल कुराली, भवनप्रीत भंगू (25) निवासी हुसैनपुर और  गुरप्रीत सिंह (25) निवासी सैदपुर को गिरफ्तार किया था। हालांकि पवनदीप कौर इंग्लैंड में था। इसके चलते उसे अभी तक उसे पुलिस पकड़ नहीं पाई है। जबकि एक आरोपी लखवीर सिंह डबल मर्डर केस का आरोप है। साथ ही वह पैरोल में चल रहा है। हालांकि महिला पति के संस्कार के संस्कार में शामिल हुई थी।

 
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