जैवलिन खेल का अच्छा खिलाड़ी है आरोपी
डीसीपी क्राइम वरिंदर सिंह बराड़ ने बताया कि बटाला के गांव चक्का खासा कुलिया में रहने वाला गुरमीत सिंह जैवलिन का राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी रह चुका है। गांव में मामूली बात पर मारपीट में गुरमीत पर केस दर्ज हुआ तो वह अपराध की दुनिया से जुड़ गया। बाद में वह लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया के संपर्क में आकर हथियार सप्लाई का काम करने लगा।
सिद्धू मूसेवाला के परिजनों ने लगाया आरोप, पुलिस गैंगस्टरों का ले रही फर्जी रिमांड
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में हमें किसी सरकार पुलिस से इंसाफ मिलने की उम्मीद नही रही हैं। सरकार इस मामले में कार्रवाई के बजाय सिर्फ लीपापोती ही कर रही हैं। रविवार को गांव मूसा में सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसकों को संबोधित करते हुए माता चरण कौर ने कहा कि पंजाब पुलिस गैंगस्टरों के फर्जी पुलिस रिमांड लेकर दिखावा करने में लगी हुई हैं, नहीं तो पुलिस रिमांड के बाद आदमी चलने लायक भी रहता लेकिन फिर भी सभी गैंगस्टर हंसते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानसा पुलिस की कस्टडी से गैंगस्टर का फरार होना और पुलिस अधिकारियों की ओर से गैंगस्टरों से जफ्फी डालकर फोटो खिंचवाना साबित करता है कि पुलिस की सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में इतनी बड़ी लापरवाही रही हैं।
उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी बलतेज पन्नू ने सिद्धू की सुरक्षा के मामले को लीक किया। उस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सिद्धू को इंसाफ देने का पुलिस का इरादा होता तो बलतेज पन्नू पर भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आम आदमी की बात करने वाली सरकार के राज में ही आम आदमी की सुरक्षा गायब है। आम आदमी भी अब सुरक्षित नहीं रहा है।
उन्होंने कहा कि आप के 92 विधायकों में से किसी ने मूसेवाला कत्ल कांड को लेकर मुंह नहीं खोला हैं, क्योंकि उन्हें सरकारी कुर्सियां प्यारी हैं। लोगों के बेटे मरते हैं, इसका उन्हें कोई दुख नहीं है। मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने कहा कि अब सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का इंसाफ लेने के लिए उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ेगा क्योंकि चारों ओर से सभी उम्मीदें खत्म हो गई हैं।