पिछले कई दिन से पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्करे तैयबा से जान से मार देने की धमकियां मिल रही हैं। ये कहना है एंटी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य का। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पर जान से मार देने की मिली धमकियों की रिकार्डिंग आईबी के अधिकारियों तक पहुंचा दी है। इसके बावजूद आईबी इसे गंभीरता से नहीं ले रही।
संगरूर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मोबाइल फोन पर धमकियों भरी रिकार्डिंग दिखाते हुए शांडिल्य ने कहा कि अब तक देश में जितने भी आतंकवादी हमले हुए हैं, उससे देश की खुफिया एजेंसी आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) की नाकामी सामने आती है। आईबी की सक्रियता नहीं होने की वजह से ही पंजाब के दीनानगर तथा पठानकोट एयरबेस पर हमले हुए हैं। यदि खुफिया तंत्र मजबूत होता तो शायद इतने बड़े आतंकी हमले नहीं होते।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि देश की सुरक्षा के लिए एक ऐसा खुफिया तंत्र तैयार किया जाए जिसमें राजनीति हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और वो किसी भी तरह से सरकार तथा राजनीतिज्ञ लोगों के अंडर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उनका फ्रंट चौदह साल से आतंकवाद का विरोध कर रहा है और उनका फ्रंट आठ स्टेटों में अपना काम कर रहा है। उन्हें लश्करे तैयबा फोन पर जान से मारने की धमकियां दे रहा है।
उन्होंने फोन पर मिली धमकियों के बारे में आईबी के अधिकारियों को ईमेल करके अवगत कराया है, लेकिन आईबी इस तरफ कोई कदम नहीं उठा रहा। इस दौरान उन्होंने अमृतपाल सिंह को मालेरकोटला का अध्यक्ष और लखविंदर सिंह लक्खा को उपाध्यक्ष नियुक्त किया। मौके पर उनके साथ फ्रंट के प्रदेश अध्यक्ष मनीष पासी, रमेश अरोड़ा मौजूद थे।