पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मानवाधिकार सेल के सहायक इंस्पेक्टर जनरल (एआईजी) मालविंदर सिंह सिद्धू समेत आस्था होम, गिलको वैली, एसएएस नगर निवासी और खाद्य, सिविल सप्लाई और उपभोक्ता मामले विभाग के ड्राइवर कुलदीप सिंह समेत पटियाला जिले के गांव आलमपुर के रहने वाले बलबीर सिंह के खिलाफ पद का दुरुपयोग, सरकारी मुलाजिमों से धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और रिश्वत लेने के आरोप में केस दर्ज किया है।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि एआईजी सिद्धू सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध शिकायतें देने के बाद ब्लैकमेलिंग और नाजायज लाभ लेकर यह शिकायतें वापस ले लेते थे। उन्होंने बताया कि विजिलेंस ने सभी मुलजिमों के विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 7 और 7 ए और भारतीय दंड संहिता की धारा 384, 419, 420, और 120- बी के अंतर्गत को थाना विजिलेंस ब्यूरो, फ्लाइंग स्क्वाड- 1 मोहाली में दर्ज किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि तफ्तीश के दौरान यह सामने आया कि साल 2017 से मानवाधिकार सेल, पंजाब पुलिस के एआईजी के तौर पर सेवा निभा रहे मालविंदर सिंह सिद्धू ने पिछले पांच सालों के दौरान कभी भी विजिलेंस ब्यूरो, पंजाब के अंदर एआईजी और आईजी के पदों पर काम नहीं किया। इस अधिकारी ने अपनी सरकारी गाड़ी आरटिगा ( पीबी 65 एडी 1905) का दुरुपयोग किया, जबकि तेल और अन्य खर्चे सरकारी खाते में से किये जाते रहे। उसने कभी भी इस वाहन का इस्तेमाल (लॉग बुक) का रिकॉर्ड नहीं रखा, जो सरकारी जायदाद का दुरुपयोग को दर्शाता है।