वीडियो में नशा बेेचता व्यक्ति।
- फोटो : वीडियो ग्रैब
पंजाब सरकार ने नशा खत्म करने के लिए पुलिस को नशा तस्करों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए हैं। वहीं पुलिस की तरफ से नशा तस्करी करने वाले लोगों को पकड़कर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी नशा खुलेआम बिक रहा है। मंगलवार शाम को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक रेलवे लाइनों में बैठकर युवकों एवं नाबालिग बच्चों को खुलेआम गांजा समेत अन्य नशा बेच रहा है। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका कि यह वीडियो बठिंडा की किस जगह और किस दिन की है।
वहीं पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू ने भी इस वीडियो को शेयर कर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं। सिद्धू ने साथ में ट्वीट किया कि एसटीएफ की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने कई मौकों पर देखा है कि ड्रग पैडलर, पुलिस और राजनेता के बीच एक गठजोड़ है। इसे अभी तोड़ा नहीं जा सका है। राजनीतिक अनुपस्थित ही रहेंगे और प्रभाव दिख रहा है।
सिद्धू ने इसे फरीदकोट में कहीं का वीडियो बताया है। वहीं सोशल मीडिया पर बताया जा रहा है कि यह वीडियो बठिंडा की अमरपुरा बस्ती की है, जबकि एसएसपी जे इलेनचेझियन का कहना है कि वायरल वीडियो अमरपुरा बस्ती की है या नहीं है, इसकी अभी जांच चल रही है। चूंकि वीडियो में केवल रेलवे लाइन दिखाई दे रही है, इसलिए जगह क्लीयर नहीं हो रही है, लेकिन फिर भी पुलिस इसकी जांच कर रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में एक युवक रेलवे लाइनों में बैठकर सरेआम नशा बेच रहा है। वीडियो में करीब छह युवा नशा बेचने वाले युवक से पैसे देकर नशा ले रहे हैं। इस दौरान एक युवक बोल रहा है 400 रुपये ले और उसे नग की पुड़िया दे दे, जबकि दूसरा बोल रहा है 800 रुपये ले लो दो नग दे दे। कोई युवक से 4 नग यानी चार पुड़िया मांग रहा है। युवक नशा बेचने वाले से ऐसे नशा खरीद रहे हैं, जैसे कि किसी दुकान से टॉफी या चाकलेट ले रहे हो। वीडियो में नशा बेचने वाले युवक का नाम जग्गी बोला जा रहा है, जबकि वह अपनी जेब से नशा का लिफाफा निकालकर पुडियां युवकों को बेच रहा है।
एसएसपी जे इलेनचेझियन का कहना है कि उनके पास भी वीडियो आया और उन्होंने देखा है, लेकिन वीडियो में जगह क्लीयर नहीं हो सकी है और नहीं नशा बेचने वाले युवक का पता चल सका है। पुलिस उक्त वीडियो की पूरी जांच कर रही है। वहीं नशा खरीदने और बेचने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। अगर वह बठिंडा के होंगे, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।