चालीस हजार रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई जज विमल कुमार की अदालत ने सोमवार को एसआई हंसराज को दो साल की सजा सुनाई। जिन दो दुकानदार भाइयों सतवंत सिंह और जुझार सिंह के जरिये एसआई रिश्वत ले रहा था, उन्हें भी एक-एक साल की कैद हुई है।
इसके अलावा एसआई पर पांच हजार रुपये, सतवंत पर दो हजार और जुझार सिंह पर एक हजार रुपये जुर्माना किया। अदालत ने शुक्रवार को तीनों को दोषी करार दिया था।
चंदेल को दे दी थी क्लीन चिट :
इस मामले में सीबीआई की भ्र्रष्टाचार निरोधक शाखा ने तत्कालीन इंडस्ट्रियल एरिया थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिलशेर सिंह चंदेल को भी गिरफ्तार किया था। बाद में जांच के दौरान सीबीआई ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी। इंस्पेक्टर दिलशेर चंदेल इस समय सेक्टर-17 के थाना प्रभारी हैं।
केस में राहत देने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था
पंचकूला के माडर्न हाउसिंग कांप्लेक्स के गगन गुप्ता ने सीबीआई को यह यह शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में उसने कहा था कि वह अपनी पत्नी से छोटे बच्चे की कस्टडी के लिए हाईकोर्ट में केस लड़ रहा था। तीन अगस्त, 2010 को गगन और उसके दोस्त के खिलाफ इंडस्ट्रियल एरिया थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। इस मामले में गगन ने अंतरिम जमानत ले ली थी। सीबीआई को दी शिकायत में गगन ने कहा था कि एसआई हंसराज सिंह उसे इस केस में राहत देने के नाम पर एक लाख रुपये रिश्वत मांग रहा था। बाद में सौदा 40 हजार रुपये में तय हुआ। आरोपी जुझार सिंह और सतवंत एक स्थानीय टी-स्टाल चलाते थे। यह रिश्वत हंसराज ने जुझार और सतवंत सिंह के जरिए मांगी थी। सीबीआई ने ट्रैप लगाकर घूस की रकम के साथ आरोपी जुझार को दबोचा था।