यहां चिकित्सकों ने उसकी पुत्रवधु सलोनी को मृत घोषित कर दिया जबकि सुनीता की गंभीर स्थिति को देख एलएनजेपी अस्पताल रेफर कर दिया। यहां सुनीता ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि सुभाष चंद व उसका बेटा गौरव जैन लुधियाना में ही धागे का कारोबार करते हैं।
मासूम बच्ची मां की गोद रही ढूंढती
इस दर्दनाक सड़क हादसे में बाल-बाल बची 14 माह की साइशा अस्पताल में रोती बिलखती हुई अपनी मां सिलोनी की गोद ढूंढती रही। इस दौरान साईशा रोती हुई अपनी मां के शव से लिपटर उसे उठाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन बच्ची को नहीं पता था कि उसकी माता अब इस दुनिया को छोड़कर जा चुकी है।
दादा सुभाष चंद बच्ची को दुलारते हुए उसे चुप कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन बच्ची की नजरें मां को ढूंढती रही। बच्ची का मां से जुदा होने का दर्द देख मौके पर खड़े हर शख्स की आंखें छलक पड़ी। हर कोई बच्ची को गोद में लेने का प्रयास करता रहा।
सिढाण आ रहे पति-पत्नी और बच्चे की सड़क हादसे में मौत
राजस्थान के सूरतपुरा में डेढ़ साल पहले ब्याही सिढाण गांव की अनीता अपने छह माह के बेटे और पति के साथ मायके परिजनों से मिलने आ रही थी। जब वे राजस्थान के गांव श्योपुरा पहुंचे तो उनकी कार को एक कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में तीनों की मौत हो गई।
हादसे की सूचना जैसे ही तोशाम के गांव सिढाण पहुंची तो मातम छा गया। मृतक राजस्थान निवासी युवक की बहन गांव संडवा में शादीशुदा है और उसे अपनी बहन के घर भी जाना था। बहन भाई के लौटने का इंतजार कर रही थी और आई उसके मरने की सूचना।
तोशाम क्षेत्र के गांव सिढाण निवासी जमीदार रमेश कुमार की 22 वर्षीय बेटी अनीता की शादी करीब डेढ़ साल पूर्व राजस्थान के गांव सूरतपुरा निवासी उमेद सिंह के 26 वर्षीय बेटे मनवीर के साथ हुई थी। उनके छह माह का एक लड़का है। मनवीर ट्रांसपोर्ट में काम करता है। अनीता अपने पति और बेटे के साथ कार में सवार होकर अपने मायके परिजनों से मिलने आ रही थी।
राजस्थान के राष्ट्रीय राजमार्ग 52 पर गांव श्योपुरा के निकट उनकी कार को एक कंटेनर ने टक्कर मारी। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही हादसे की सूचना सिढाण गांव में रमेश के घर पहुंची तो यहां बेटी-दामाद और नाती से मिलने का इंतजार कर रहे परिजनों के चेहरों पर मातम छा गया।
मनवीर था इकलौता बेटा, अनीता भी थी इकलौती
हादसे में अनीता और मनवीर की मौत हो गई। मनवीर अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था। जिससे घर वालों का बुरा हाल है। वहीं अनीता भी अपने मां-बाप की इकलौती लड़की थी। मनवीर की बहन तोशाम क्षेत्र के ही गांव संडवा में शादीशुदा है। उसे अपने ससुराल जाने के अलावा बहन के घर भी उससे मिलने जाना था।
बहन भी अपने भाई के आने का इंतजार कर रही थी। मगर हादसे की सूचना घर आई। वहीं अनीता भी अपने माता-पिता भी इकलौती बेटी का इंतजार कर रहे थे। उसका एक छोटा भाई है। हादसे ने तीनों परिवारों से खुशियां छीन ली।