जब पांच मिनट तक बलवान सिंह ने कुएं के अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो उसका बेटा सुमित उसे देखने के लिए रस्सी के सहारे नीचे उतरा। बताया जा रहा है कि सुमित ने कुएं में उतरने के बाद करीब दस मिनट तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो जौहरी भी कुएं में उतर गया। जाने से पहले जौहरी ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।
शोर सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने मामले की सूचना पहले दमकल विभाग और फिर स्वास्थ्य विभाग को दी। सूचना मिलने के करीब आधा घंटे बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अमले के पास सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं थे।
इस कारण प्रशासनिक टीमें मूक-दर्शक बनी रही। दोपहर करीब दो बजे ग्रामीणों ने तीनों को अपने स्तर पर ही प्रयास कर कुएं से बाहर निकाला और तुरंत उन्हें दादरी सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने जौहरी और उसके भतीजे सुमित को मृत घोषित कर दिया। वहीं, बलवान सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल से रेफर कर दिया।
वहीं, झोझूकलां चौकी पुलिस भी सिविल अस्पताल पहुंची और मृतकों के परिजन जयकिशन के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है। वहीं, नायब तहसीलदार राजकुमार शर्मा भी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में मौत का कारण जहरीली गैस से दम घुटना बताया गया है।
10 जुलाई को होनी थी सुमित की शादी
सिविल अस्पताल पहुंचे मृतक के परिजनों और कलाली के ग्रामीणों ने बताया कि बलवान सिंह पिछली योजना में गांव के सरपंच थे। उनके दो बेटे थे। सुमित बड़ा था। परिजनों ने बताया कि दस जुलाई को सुमित और उसके छोटे भाई की शादी होनी तय थी। घर में शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थी। गुरुवार को इस मामले ने सभी को झकझोर कर रख दिया।