डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि शिकायत के बाद एसएसओसी (स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल) ने तुरंत इस मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आया है कि आरोपी सूरज अपने साथी मनदीप सिंह के व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल रंगदारी मांगने में कर रहा था। पुलिस स्टेशन एसएसओसी ने इस संबंधी केस दर्ज कर लिया है।
रंगदारी मांगने जाते समय ही दबोचा गया
एसएसओसी ने दोनों आरोपियों को वेरका चौक से उस समय गिरफ्तार किया जब वह अपने सहयोगी मनदीप सिंह (32) के साथ श्री आनंदपुर साहिब के गांव मंगेवाल से रंगदारी लेने जा रहा था। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल और एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल बरामद की है।
जिस घर में एसी ठीक करता, उसे ही बनाता था निशाना
एसएसओसी के एआईजी अश्विनी कपूर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी सूरज जब घरों, दुकानों या कंपनियों में एसी की मरम्मत के लिए जाता था तो अपना शिकार तय कर लेता था। घर के हालात देखकर वह आरोपियों से रंगदारी की रकम निर्धारित करता था। पुलिस ने उनके दोनों मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। पुलिस रिमांड में यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपियों ने और किस-किस से रंगदारी मांगी है।