घरवालों ने टच स्क्रीन वाला फोन नहीं लेकर दिया तो 14 साल की सिमरन ने फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब लड़की की मां मंदिर से लौटी। बेटी का शव लटकता देख उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद थाना दरेसी और चौकी सुंदर नगर की पुलिस मौके पर पहुंची।
जांच अधिकारी एएसआई राजवंत सिंह ने कहा कि सिमरन के पिता करण लुक डालने का काम करते हैं। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें सिमरन सबसे बड़ी थी। सिमरन एक निजी स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा थी। पिछले कुछ दिनों से वह फोन लेने की बात कर रही थी। दो दिनों से तो उसने जिद ही पकड़ ली कि वह टच स्क्रीन वाला फोन लेगी। उसके परिजनों की इतनी हैसियत नहीं थी।
सोमवार को सिमरन ने जब ज्यादा जिद की तो उसकी मां ने उसे मना कर दिया। कुछ देर बाद उसकी मां इलाके में ही स्थित मंदिर में माथा टेकने के लिए चली गई। उनके जाने के बाद सिमरन ने चुन्नी के सहारे फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। एएसआई राजवंत सिंह ने कहा कि कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। लड़की ने फोन न मिलने की वजह से आत्महत्या की है।