दाह संस्कार के दौरान मौजूद लोग
एसीपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि भूपिन्दर सिंह बब्बू और श्याम लाल टगरा ने ही हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने कालका में अपने साथियों से कहकर हत्या करवाई है। हत्या के दिन दोनों जानबूझकर गोवा में थे, ताकि उन पर किसी को शक ना हो। मुंबई से दिल्ली के एयरपोर्ट पर जैसे ही आए, पंचकूला पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेने के बाद हुई पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि विक्रम उर्फ विक्की कैमी की हत्या की प्लानिंग उन्होंने की थी।
बब्बू और श्याम लाल पर आरोपियों को शह देकर विक्रम की हत्या करवाने का आरोप है। पुलिस ने हत्या के इस मामले में उमेश उर्फ मटरू, अकरम, गुरमीत उर्फ रोड़ा, मदन उर्फ मट्टू, सत्ता, मक्खन, रिंकू, गोला, दीपू, सौरभ जस्सू, बिल्ला, रामगोपाल उर्फ पालू, जसपाल उर्फ जस्सू सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भी केस दर्ज है।
दाह संस्कार के दौरान मौजूद लोग
इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि भूपेंद्र सिंह उर्फ बब्बू और श्यामलाल टगरा छह गाड़ियों में 30 आरोपी, योगराज पिंकी व उसके साथियों को मारने आए थे। पिछले करीब एक सप्ताह से आरोपियों की तरफ से विक्रम और उसके साथियों को फोन और फेसबुक के जरिये धमकियां भी दी जा रही थीं। इस मामले के शिकायतकर्ता योगराज पिंकी सहित अन्य दोस्तों के खिलाफ पहले भी भूपिन्दर सिंह उर्फ बब्बू और श्यामलाल टगरा की ओर से 307 का मामला दर्ज करवाया गया था। लेकिन इस मामले में झूठा फंसाने से विक्रम और उसके साथियों में रोष था।
पहले हुए झगड़े में श्याम लाल टगरा को चोट भी लगी थी, जिसका बदला लेने के लिए श्यामलाल टगरा और बब्बू ने रंजिश रखते हुए गैंग के 30 युवकों को भेजकर योगराज, पिंकी और उसके साथियों को मारने की जिम्मेवारी सौंपी थी। फायरिंग में विक्की को मौके पर ही मौत हो गई जबकि इस हमले में दिलीप उर्फ दीपा, लखविंदर उर्फ हैप्पी सहित तीन जख्मी युवकों का पीजीआई में इलाज चल रहा है। आरोपियों ने निर्मल उर्फ हैप्पी, मिंदर, हरविंदर को तलवार और रॉड से मारा था।