उन्होंने बताया कि एक दिसंबर को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान उक्त तीनों को बचाकर अजनाला के गांव सरां तक पहुंचाने वाले की पहचान घनूपुर काले के राहुल के तौर पर की गई है। बहुत जल्द पुलिस उसे भी काबू कर लेगी। वहीं दूसरी तरफ उक्त तीनों बिल्ला, गोपी और मिट्ठू को आश्रय देने वाले मक्का के खिलाफ देहात पुलिस के थाना अजनाला में केस दर्ज करवा दिया गया है।
यह है मामला
एक दिसंबर की दोपहर को सूचना के बाद छेहरटा पुलिस ने नारायणगढ़ चौक से नारायणगढ़ बाजार तक आने वाली इनोवा कार में पांच गैंगस्टरों की घेराबंदी की थी। इनोवा कार को घेरे जाने पर इन लोगों ने कार से बाहर निकलकर फायरिंग शुरू कर दी और अलग-अलग दिशाओं में भाग गए थे। इस दौरान आरोपी रोबिन सिंह ने पीछा कर रहे एएसआई बलविंदर सिंह पर मारने की नीयत से फायर किया जबकि बलदेव सिंह उर्फ रवि ने छेहरटा के अतिरिक्त थाना प्रभारी एसआई सुरमेल सिंह पर फायरिंग की। छेहरटा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह ने पुलिस बल के साथ दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों की इनोवा कार अपने कब्जे में ले ली थी और तलाशी में पांच पिस्तौल, 13 कारतूस और पांच खोल भी मिले थे। तीन साथी फरार होने में कामयाब हो गए थे।