पंजाब में कर्ज से परेशान किसानों की खुदकुशी का सिलसिला नहीं थम रहा है। मंगलवार को प्रदेश के अलग- अलग स्थानों में तीन किसानों ने आत्महत्या कर ली। पहली घटना पंजाब के बटाला में स्थित डेरा बाबा नानक के गांव जोड़ियां कलां की है। यहां एक किसान ने सोमवार देर रात जहरीली दवा निगल ली। हालत खराब होने पर उसे अमृतसर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार गांव जोड़ियां कला के किसान सुखविंदर सिंह लाली (40) पुत्र रघबीर सिंह ने 2008 में एक बैंक से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया था। जिसके साथ अब तक काफी ब्याज भी जुड़ चुका था। पैसे अदा न कर पाने से सुखविंदर सिंह परेशान रहता था। मृतक की बहन नरिंदर कौर ने बताया कि कर्ज के कारण उसका भाई सुखविंदर सिंह काफी परेशान रहता था। घर में भी वह कम ही बात करने लगा था और चुप-चुप रहता था।
नरिंदर कौर ने बताया कि सुखविंदर सिंह सोमवार रात को अपने खेतों में काम कर रहा था। इसी दौरान उसने कोई जहरीली निगल ली। बाद में वह घर आ गया। घर आते ही उल्टियां करने लगा। परिजन उसे अमृतसर के निजी अस्पताल में ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। नरिंदर कौर ने बताया कि कर्ज के कारण बैंक वाले कई बार रकम लेने के लिए घर के चक्कर लगाते थे। थाना डेरा बाबा नानक के एएसआई शमशेर सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार के हवाले कर दिया गया है। इस मामले में 174 की कार्रवाई की गई है।
10 लाख रूपये का था कर्ज
मृतक किसान दर्शन सिंह ( फाइल फोटो)
वहीं दूसरा मामला मानसा के भीखी के गांव समाओ का है। यहां के रहने वाले एक किसान ने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। किसान पर बैंक व निजी लोगों का करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था। जानकारी के अनुसार गांव समाओ के किसान दर्शन सिंह (50) पर बैंक और अन्य लेनदेन का करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था। इस कारण वह परेशान था। उसकी पत्नी कैंसर पीड़ित है। उसके इलाज पर भी काफी पैसा खर्च हो चुका है।
उसके भाई गुरचरण सिंह ने बताया कि एक बार पहले भी दर्शन सिंह ने खुदकुशी करने की कोशिश की थी लेकिन उस समय उसे बचा लिया गया था। पूर्व सरपंच राज सिंह और गुरतेज सिंह ने पंजाब सरकार से मांग की कि दर्शन सिंह के परिवार का पूरा कर्ज माफ करके उसको आवश्यक मुआवजा दिया जाए। थाना भीखी पुलिस के जांच अधिकारी मलकीत सिंह ने बताया कि किसान के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसको पारिवारिक सदस्यों के हवाले कर दिया गया है।
खेतीहर मजदूर ने की आत्महत्या
मृतक मजदूर गुलाब सिंह की फाइल फोटो
तीसरी घटना बुढलाडा गांव बीरोके कला में एक खेत मजदूर ने कर्ज से परेशान होकर जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। किसान नेता राजिंदर सिंह राजा ने बताया कि खेत मजदूर गुलाब सिंह (30) के सिर पर तीन लाख रुपये का कर्ज था।
इसके चलते वह मानसिक तौर पर परेशान रहता था। इसकी परेशानी के चलते उसने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। उधर, भारतीय किसान यूनियन के वित्तीय सचिव दर्शन सिंह गुरने कलां ने सरकार से मृतक के परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है।