रविवार को सुबह वह अपने बेटे हरदीप सिंह से मिलकर वापस अपने गांव जा रहे थे, जब वह मोगा के पास पहुंचे तो उन्हें फोन पर पता चला कि उनके बेटे ने खुदकुशी कर ली है। वह उसी समय वापस जगरांव पहुंचे। मृतक अपने पीछे पत्नी और सात साल का लड़का छोड़ गया है।
थाना सिटी जगरांव के एएसआई गुरचरन सिंह ने बताया कि मृतक हरदीप सिंह के पिता रणजीत सिंह के बयान पर 174 की कार्रवाई कर मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। खुदकुशी के कारणों का पता नहीं चल सका है।
फंदे पर लटकी युवती
लुधियाना के रिशी नगर इलाके में रहने वाली सुमन (18) ने अपने घर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना का पता उस समय चला जब परिवार के लोग उसे बुलाने कमरे में पहुंचे। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना पीएयू (पंजाब कृषि विश्वविद्यालय) की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिवार के बयान दर्ज किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया।
हेड कांस्टेबल गगनदीप सिंह ने बताया कि सुमन कुछ समय से मानसिक तौर पर परेशान चल रही थी। इसी के चलते उनसे शनिवार को अपने घर पर फंदा लगाकर जान दे दी। उसने इससे पहले परिवार वालों से भी कोई बात नहीं की थी कि वह किस बात को लेकर परेशान है। पुलिस ने मृतका के पिता संजय के बयान पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की।
युवक ने पेड़ से फंदा लगाकर दी जान
उधर, गांव मसेमी में झुग्गियों में रहने वाले शैलेंद्र पासवान ने मानसिक परेशानी के चलते पेड़ से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। शनिवार की सुबह जब लोगों ने पेड़ से लटका शव देखा तो पुलिस को सूचित किया। थाना पीएयू की पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों के बयान दर्ज किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया।
जांच अधिकारी एएसआई ज्ञान सिंह ने बताया कि शैलेंद्र मजदूरी करता था। कुछ महीने पहले उसका पत्नी से झगड़ा हो गया था। इस कारण उसकी पत्नी मायके चली गई थी। इससे शैलेंद्र काफी परेशान था। इसी के चलते उसने पंखे से लटककर अपनी जान दे दी।