पुलिस के अनुसार शिवशरन वन माफिया व लकड़ी का तस्कर है। वह जंगल से चोरी से लकड़ी कटवा कर उसकी तस्करी करता है। उसने 15 जुलाई 2018 को जंगल रामलखना में लकड़ी चोरी की सूचना पर पहुंचे खोराबार के डिप्टी रेंजर रहे डीएन पांडेय को गोली मार दी थी। जिसके आरोप में शिवशरन व शेषमणि समेत 12 लोगों पर केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था।
इससे पहले शिवशरन ने 2017 में एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। शिवशरन ने 2009 से ही जंगल से लकड़ी चोरी करना शुरू किया था। अबतक उसके खिलाफ कुल 15 केस खोराबार थाने में दर्ज है। जिसमें वन अधिनियम, लकड़ी चोरी, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, लूट आदि के आरोप है। डिप्टी रेंजर को गोली मारने के घटना के बाद पुलिस ने सख्ती की और उस पर गुंडा अधिनियम, गैंगस्टर व एनएसए (रासुका) की कार्रवाई की थी।