लोग मारपीट की राह पर उतर आए थे। ऐसे में उन्होंने बचने के लिए वहां से भागना ही उचित समझा था। वे शहर से कहीं बाहर नहीं गए थे बल्कि इलाके में ही रुक गए थे। डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल का कहना है कि अब मुख्य आरोपी पकड़े जा चुके हैं। ऐसे में इस मामले के अन्य लोग भी जल्दी ही पुलिस की पकड़ में आ जाएंगे। हमारी टीमें आरोपियों को काबू करने के लिए दिन-रात काम कर रही हैं।
याद रहे कि रविवार को फेज-आठ दशहरा मैदान में चल रहे मेले में ड्रॉप टावर झूला 50 फुट की ऊंचाई से महज तीन सेकंड में नीचे गिर गया था। हादसे में 30 लोग घायल हुए थे। इनमें से 16 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा था।
घटनास्थल से साक्ष्य मिटाने की कोशिश
दशहरा मैदान में झूला गिरने की घटना के बाद सोमवार से ही मेले को समेटने में टीमें जुट गई थीं। इतना ही उस झूले को भी उतारने लगे पड़े थे जिसके गिरने से हादसा हुआ था। सूत्रों के अनुसार ऐसा कर साक्ष्यों को मिटाने की कोशिश की जा रही थी। जैसे ही यह बात डीसी अमित तलवार तक पहुंची थी तो उन्होंने पुलिस को आदेश दिया कि जब तक इस मामले में प्रशासन की जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक जिस अवस्था में झूला है, वह उसी में रहेगा।
जांच समिति आज फाइल करेगी रिपोर्ट
झूला गिरने के मामले में गठित कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को टीम ने तथ्य जुटाए हैं। साथ ही कमेटी की बैठक तक हुई है। माना जा रहा है कि बुधवार शाम तक कमेटी अपनी जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट डीसी को सौंपेगी। इसमें जो लोग जिम्मेदार पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई तय है। इतना ही नहीं इस मामले को लेकर सीएम भगवंत मान खुद काफी गंभीर हैं। उन्होंने डीसी व एसएसपी से घटना के बाबत सारी जानकारी हासिल की है।