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पेपर लीक गिरोह का प्रमुख ‘गुरुजी’ गिरफ्तार, देखिए कौन-कौन से पेपर किए थे लीक?

Thu, 18 May 2017 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पेपर लीक गिरोह का प्रमुख ‘गुरुजी’ गिरफ्तार
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चंडीगढ़ जेबीटी समेत पंजाब के विभिन्न विभागों के पेपर लीक कर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह के प्रमुख गुरुजी उर्फ मास्टर जी उर्फ मिथलेश पांडेय उर्फ संजय पांडेय को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी इंदिरा नगर लखनऊ का रहने वाला है। विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश किया। वहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी कई राज्यों में सक्रिय था। 
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पांच दिन ट्रैप लगाकर पकड़ा आरोपी      
विजिलेंस ब्यूरो के डायरेक्टर जी नागेश्वर राय ने बताया कि उनकी टीम ने कुछ दिन पहले सैलेश कुमार निवासी जिला आजमगढ़ व शिव बहादुर निवासी विंद्यवासिनी नगर वाराणसी को गिरफ्तार किया था। शिव बहादुर ने गुरुजी के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद इंस्पेक्टर सतवंत सिंह सिद्धू की अगुवाई में आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई थी।

कुछ दिन पहले आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए वारंट लिए गए थे। इसके बाद टीमें लखनऊ रवाना र्हुइं। टीमें पांच दिन तक लखनऊ में डेरा डाले रहीं। इस दौरान ट्रैप लगाकर उस पर नजर रखी गई। जैसे ही आरोपी वहां से अपने साथियों सहित निकला तो टीमों ने उसे दबोच लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही कई बड़े खुलासे होने के आसार हैं। 
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ऐसे करवाते थे पेपर लीक व पेेपर हल

पेपर लीक गिरोह का प्रमुख ‘गुरुजी’ गिरफ्तार
ऐसे करवाते थे पेपर लीक व पेेपर हल
जानकारी के मुताबिक आरोपी का नेटवर्क काफी मजबूत था। उसने विभिन्न विभागों की प्रिंटिंग प्रेसों के लोगों से संपर्क बना रखे थे। वह लोग उसे विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्न पत्र उपलब्ध करवाते थे। प्रश्न पत्र हासिल होनेे के बाद वह अपने माहिरों से उस पेपर को हल करवाता था। इसके बाद परीक्षा की तारीख से दो दिन पहले पेपर में अपीयर होने वालों को लखनऊ और नजफगढ़ बुलाता था। वहां पर उन्हें हल पेपर पढ़ा देता था। इसके बदले वह मोटी रकम वसूलता था। 

डिपार्टमेंट के हिसाब से तय होता था पेपर का रेट       
विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि किस डिपार्टमेंट के लिए परीक्षा होनी है। उसके हिसाब से ही आरोपी प्रश्न पत्र की कीमत तय करता था। विजिलेंस के पास जो शिकायर्तें आइं थीं उसमें एक व्यक्ति ने बताया था कि उससे 30 लाख रुपये लिए गए थे। 

इन विभागों के पेपर किए थे लीक 
विजिलेंस की जांच में सामने आया कि आरोपी ने सबसे पहले चंडीगढ़ में हुई जेबीटी की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक किया था। इसके बाद आरोपी ने पंजाब के पनसप, स्थानीय निकाय विभाग के विभिन्न पद जेई से एसडीई, पुडा व 2016 में इरिगेशन डिपार्टमेंट के प्रश्नपत्र लीक कर लोगों से मोटी रकम वसूली थी। इसके अलावा तेलंगाना, मध्यप्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों में पेपर लीक किए थे।

गुरुजी ऐसे बना करोड़पति
विजिलेंस से पता चला है कि गुरुजी की उम्र 37 साल है। उसकी टैंकर क्लीनिंग की कंपनी है। इसके अलावा एक रियल एस्टेट कंपनी के अलावा उसके कई अन्य धंधे हैं। वह एमसीए व एमटेक है। इसके अलावा उसे जिस भी रोजगार में फायदा दिखता है उस कारोबार में अपना हाथ आजमा लेता था। आरोपी इस कारोबार से करोड़ों रुपये पैदा कर चुका है।
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गुरुजी को प्रोडक्शन वारंट पर लाएंगी चंडीगढ़ पुलिस

पेपर लीक गिरोह का प्रमुख ‘गुरुजी’ गिरफ्तार
गुरुजी को प्रोडक्शन वारंट पर लाएंगी चंडीगढ़ पुलिस
जेबीटी और टीजीटी पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड मिथिलेश पांडे उर्फ गुरुजी को चंडीगढ़ पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लाएंगी। यह जानकारी एसपी रविकुमार ने दी। बता दें कि गुरुजी को मोहाली पुलिस ने लखनऊ यूपी से गिरफ्तार किया है। पेपर लीक होने के बाद पंजाब विजिलेंस ने मामले की जांच की थी। इसके बाद पिछले वर्ष यूटी पुलिस ने 100 ज्यादा लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। बता दें कि 1150 जेबीटी और टीजीटी पदों के लिए परीक्षा हुई थी।

पेपर लीक मामले का सरगना मिथिलेश पांडे उर्फ गुरुजी सहित कई पर केस दर्ज दर्ज किया गया था। इस मामले में यूटी पुलिस की एक एसआईटी ने कई टीचरों की गिरफ्तारी के साथ कई को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ कर चुकी है। आरोपियों ने बताया था कि लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले पेपर परीक्षार्थियों को मिल गया था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से जेबीटी के लिए 7 लाख और टीजीटी के लिए 10 लाख रुपये लिए थे। पंजाब विजिलेंस की पूछताछ के दौरान गैंग में शाकिया था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है।

इसके बाद पंजाब विजिलेंस एक रिपोर्ट बना कर यूटी प्रशासन को भेजी थी। इसके बाद यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार कर रहे हैं। एसआईटी ने सबसे पहले पंजाब विजिलेंस से गिरफ्तार किए गए आरोपी दिनेश कुमार यादव को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसका चार दिन का रिमांड लिया था। इस दौरान एसआईटी की एक टीम दिनेश को लखनऊ के उस होटल में भी लेकर गई थी, जहां पर कैंडीडेट्स को लिखित परीक्षा में आने वाला पेपर देकर उसकी तैयारियां करवाई गई थी। दिनेश ने ही कैंडीडेट्स की तलाश की थी। 
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